ईद उल-फितर के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एकता का आह्वान करते हुए कहा कि ‘अलगाव की नीति’ अच्छी नहीं है। कोलकाता के रेड रोड पर विशेष नमाज में शामिल होने के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के बीच पश्चिम बंगाल की एकता की संस्कृति कई लोगों के लिए और विशेष रूप से उन लोगों के लिए ईष्या का विषय है जो देश को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने सभा में कहा, पश्चिम बंगाल में एकता की संस्कृति से कई लोग जलते हैं। पश्चिम बंगाल में मौजूद एकता की भावना दुर्लभ है। देश में विभाजन पैदा करने की राजनीति चल रही है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। कुछ लोग हिंदुओं और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा करने के लिए झूठ फैला रहे हैं। हमें उनका एक साथ विरोध करना होगा। उसने यह भी कहा कि वह विभिन्न धर्मो के बीच दरार पैदा करने की कोशिशों के आगे नहीं झुकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, हमें इस महत्वपूर्ण मोड़ पर एकजुट रहना है। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि सांप्रदायिकता के शिकार न बनें।

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हाल के दिनों में कई बार ममता बनर्जी ने बीजेपी का नाम लिए बिना आरोप लगाया है कि लोगों का एक वर्ग फर्जी वीडियो प्रसारित कर राज्य में शांति और सद्भाव की संस्कृति को बिगाडऩे की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं आपसे मुझ पर विश्वास करने का अनुरोध करती हूं। देश में शांति और सद्भाव की संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश करने वालों को हटाने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूं। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने ‘राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप’ के लिए केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, देश के संघीय और लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है।