पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सनसनीखेज दावा किया है। ममता बनर्जी ने कहा है कि मुझे नंदीग्राम के निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फिर से मतगणना का आदेश उनकी जिंदगी को खतरे में डाल सकता है। इस वजह से रीकाउंटिंग नहीं कराई गई। इन सबके बीच बता दें कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर हमले की बात सामने आ रही थी। इसका आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया जा रहा है। इसको लेकर ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि औपचारिक घोषणा के बाद निर्वाचन आयोग ने नंदीग्राम में नतीजों को कैसे पलट दिया। इसको लेकर हम अदालत भी जाएंगे। साथ ही ममता ने बताया कि शाम तकरीबन 7 बजे राज्यपाल से भेंट करूंगी। उन्होंने कहा, 'सर्वर 4 घंटे तक डाउन क्यों था? हम जनादेश स्वीकार करना चाहते थे, लेकिन अगर एक स्थान के परिणाम में गड़बड़ी है तो जो प्रतीत होता है उससे परे कुछ है। हमें सच्चाई का पता लगाना है।' बनर्जी ने कुछ स्थानों से हिंसा की खबरों के बीच अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी के उकसावे में नहीं आएं। उन्होंने आरोप लगाए कि केंद्रीय बलों ने चुनावों के दौरान टीएमसी समर्थकों पर काफी अत्याचार किए। उन्होंने कहा, 'परिणाम घोषित होने के बाद भी बीजेपी ने कुछ इलाकों में हमारे समर्थकों पर हमला किया लेकिन हमने अपने लोगों से किसी के उकसावे में नहीं आने की अपील की और इसके बजाय पुलिस को सूचना देने के लिए कहा।' 

बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों ने भेदभाव करते हुए टीएमसी के खिलाफ काम किया। चुनाव आयोग पर प्रहार करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर निर्वाचन आयोग ने सहयोग नहीं किया होता तो बीजेपी 50 का आंकड़ा पार नहीं कर पाती। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मांग की कि देश के हर नागरिक को नि:शुल्क टीका दिया जाना चाहिए। इसके बाद पार्टी शाम को शपथ ग्रहण और मंत्रिमंडल के गठन को लेकर फैसला करेगी। यही नहीं, ममता बनर्जी ने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी प्रधानमंत्री ने बधाई के लिए फोन नहीं किया है।