पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्यपाल जगदीप धनकर से फोन पर बात करके आरोप लगाया कि कानून और व्यवस्था का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। ममता ने नंदीग्राम से ही राज्यपाल को फोन किया, जहां से वह सुवेन्द्र अधिकारी के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।

राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित लोगों द्वारा ध्यान दिया जाएगा। राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा, ममता बनर्जी ने कुछ समय पहले फोन करके कुछ मामलों पर चिंता जताई है। मैं उन्हें कानून के पालन को लेकर आश्वस्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि सभी लोग सही भावना और ईमानदारी से काम करेंगे, ताकि लोकतंत्र हमेशा कायम रहे।

इससे पहले बनर्जी ने नंदीग्राम से धनकर को फोन करके बताया था कि किसी भी समय कुछ भी हो सकता है। साथ ही कहा था कि जिस सीट से वे चुनाव लड़ रही हैं वहां कानून और व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया, दूसरे राज्यों के लोग नंदीग्राम में आकर हंगामा कर रहे हैं और मैंने सुबह से 63 शिकायतें दर्ज की हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि नारे लगाने वाले लोग बाहरी हैं और वे बिहार और उत्तर प्रदेश से आए हैं।

पिछले कई दिनों से नंदीग्राम में डेरा जमाए बैठीं बनर्जी ने दोपहर 1 बजे अपने घर से निकलीं और एक मतदान केंद्र पर पहुंचीं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस द्वारा गड़बड़ी के कई आरोपों के बीच नंदीग्राम में मतदान जारी है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा था, भाजपा और उनका माइंड गेम काम नहीं करेगा। यह बहुत स्पष्ट है कि वे हार महसूस कर रहे हैं। नंदीग्राम के 354 बूथों में हमने ठोस प्रदर्शन किया है। 10 बूथों के लिए हमने शिकायतें दर्ज कराई हैं। सीआरपीएफ द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने या काम न करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन लोगों ने तय कर लिया है कि ममता बनर्जी को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए विधायक चुनेंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में नंदीग्राम समेत 30 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान जारी है।