मालाबार युद्धाभ्यास को देखकर चीन कांप गया है क्योंकि भारत के साथ तीन अन्य देशों की सेनाओं ने मिलकर ताकत दिखाई है। यह Malabar में शक्ति प्रदर्शन का तीसरा दिन है।  अरब सागर में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं साझा युद्ध अभ्यास कर रही हैं। चीन की विस्तारवादी नीति के खिलाफ भारत के तीन दोस्तों का साझा युद्ध अभ्यास सीधे-सीधे चीन को संकेत है कि एशिया का नया बॉस अब चीन नहीं, हिंदुस्तान है।

Malabar युद्धाभ्यास की तस्वीरों को देखकर अतिक्रमणवादी चीन के दिल में ख़ौफ भर आया होगा। विस्तारवादी चीन की सेना के पैर कांप रहे होंगे। क्योंकि ये सिर्फ एक युद्धाभ्यास नहीं, बल्कि ये चीन के खिलाफ चार महाशक्तियों का चतुर्भुज चक्रव्यूह है।

अरब सागर से आई युद्धाभ्यास की तस्वीरों ने चीन की चिंता बढ़ा दी होगी। ये भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नेवी का साझा युद्धाभ्यास है। अरब सागर से चीन की कोई सीमा नहीं लगती, लेकिन चार महाशक्तियों के इस युद्धभ्यास से निकला संदेश हज़ारों किलोमीटर दूर बीजिंग तक ज़रूर पहुंच रहा होगा।

मालाबार युद्ध अभ्यास का दूसरा चरण है, जहां भारत, अमेरिका,जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के जंगी जहाज एक-दूसरे से समंदर में युद्ध की रणनीति सीख रहे हैं। इस युद्धाभ्यास में 'क्रॉस डेक फ्लाइंग ऑपरेशन' का अभ्यास किया जा रहा है। विक्रमादित्य और निमित्ज़ पर तैनात लड़ाकू विमानों के जरिए हवाई रक्षा का अभ्यास किया जा रहा है, विक्रमादित्य पर मिग 29 और निमित्ज़ में F18 जैसे लड़ाकू विमान तैनात हैं। इस बार पनडुब्बी युद्ध का भी अभ्यास किया जाएगा।

मालाबार युद्ध अभ्यास में भारतीय नौसेना का INS विक्रमादित्य और अमेरिका के सबसे बड़े युद्धपोत में से एक USS निमित्ज़ की घातक जोड़ी मिलकर दुश्मनों पर हमले का अभ्यास कर रही है। मालाबार युद्धाभ्यास के दूसरे चरण में देश में ही निर्मित पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी और पी8आई समुद्री टोही विमान भी भारतीय नौसेना की ओर से अपनी क्षमता का परिचय दे रहे हैं।

अरब सागर में हो रहा शक्ति प्रदर्शन चीन को भारत का सीधा संदेश है कि थल हो या फिर जल हिंदुस्तान के साथ दुनिया की महाशक्तियां हैं, जबकि चीन अकेला है। मालाबार युद्ध अभ्यास का पहला चरण इसी महीने 3 से 6 नवंबर को हुआ था। दूसरे फेज का ये युद्ध अभ्यास 20 नवंबर तक चलेगा। हर बार मालाबार का युद्धाभ्यास अरब सागर में होता था, लेकिन चीन से तनाव के बीच ये पहली बार है कि मालाबार युद्ध अभ्यास का पहला फेज़ इस बार बंगाल की खाड़ी में हुआ था।

जहां से दक्षिण चीन सागर बिल्कुल सीध में है और चीन पर आक्रमण करना जहां से बेहद आसान है। एक तरफ ज़मीनी सीमा पर खदेड़ने के लिए लद्दाख की सर्दियों वाली तैयारी है, तो दूसरी तरफ मालाबार में 4 देशों की चीन को समंदर पर घेरने की तैयारी। कुल मिलाकर नए भारत की इस चुनौती से चीन का थरथराना तय है।