ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाना अब पासपोर्ट बनवाने से भी मुश्किल हो गया है। इसके लिए उपभोक्ता को करीब दस से बारह प्रकार के दस्तावेज लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद इसे बनने में दो से तीन माह का समय लग रहा है। साथ ही इसमें यूनिट अपडेट और नवीनीकरण कार्य करवाना भी इतना ही मुश्किल हो गया है। जबकि पासपोर्ट बनने में मात्र चार प्रकार के दस्तावेज लग रहे हैं और यदि तत्काल आवश्यकता हो तो यह दस दिन में बनकर घर पहुंच रहा है। 

इन दिनों जिला पूर्ति विभाग में राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं को लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने लग गई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण राशन कार्ड बनवाने या इसमें संशोधन और नवीनीकरण की प्रक्रिया का जटिल होना है। जिस कारण कर्मचारियों के साथ नोकझोंक भी आम बात हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है।

इन्हें राशन कार्ड के कार्य के लिए कई किमी दूर अपने नजदीकी ब्लॉक कार्यालय या फिर तहसील जाना पड़ता है। जिस कारण पूरा दिन तो बर्बाद होता ही है, साथ ही उनका काम भी नहीं हो पाता है। दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य योजना के लिए नया सॉफ्टवेयर बनाया है। जिसके तहत हर राशन कार्ड को अपडेट किया जा रहा है। इसमें दस्तावेजों को अपलोड किए बिना नया कार्ड जारी नहीं हो सकता। पर इसमें अधिक समय लगने के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। बिना राशनकार्ड ऑनलाइन किए राशन भी नहीं मिल रहा है। 

तत्काल में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जाए तो यह करीब दस दिनों के भीतर बन जाता है। जिसके लिए आपको आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और एड्रेस प्रूफ देना होता है। पर राशन कार्ड बनवाने के लिए करीब 12 दस्तावेजों के साथ दो से तीन महीने का समय लग रहा है। 

राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज 

परिवार के मुखिया का पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड निरस्तीकरण प्रमाणपत्र, मुखिया के बैंक खाते की प्रथम और अंतिम पृष्ठ की फोटोकॉपी, गैस बुक की फोटोकॉपी, पत्नी का नाम चढ़ाने के लिए विवाह प्रमाणपत्र, पूरे परिवार या यूनिट के आधार पर कार्ड की फोटोकॉपी, पूरे परिवार या यूनिट का जन्मप्रमाण पत्र या हाईस्कूल प्रमाण पत्र,हर यूनिट का पैन कार्ड या वोटर आईडी की फोटोकॉपी, जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, दिव्यांग उपभोक्ता के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र, मनरेगा में काम करते हैं तो जॉब कार्ड की फोटोकॉपी,आय प्रमाण पत्र, पता सत्यापन के लिए नवीनतम बिजली बिल, पानी का बिल, हाउस टैक्स या किरायानामा

लाइसेंस बनवाने में लोगों के छूटे पसीने

हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ की दो दिवसीय हड़ताल के बाद आरटीओ कार्यालय शुक्रवार को खुला तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कार्य के लिए आने वालों की संख्या सबसे अधिक रही। लोगों की शिकायत थी कि ऑनलाइन आवेदन के बाद 2 माह नंबर आने में लगते हैं। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन फिटनेस के लिए भी शुक्रवार को 60 लोग पहुंचे। एआरटीओ संदीप वर्मा ने बताया