अब दिल्ली से मेरठ का सफर और भी आसान हो जाएगा क्योंकि देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन बनकर तैयार हो गई है और सबसे पहले इसी रूट पर उतारी गई है। इस ट्रेन को गुजरात के सावली में Alstom ने तैयार किया है। RRTS यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के फर्स्ट फेज में दिल्ली से मेरठ, पानीपत और पलवल शहर को जोड़ा जा रहा है । ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। 

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मेक इन इंडिया के तहत इस ट्रेन को पूरी तरह से भारत में ही बनाया गया है। इस ट्रेन गुजरात के सावली में Alstom ने तैयार की है। सफर को सुविधाजनक बनाने के लिए इस ट्रेन में आरामदायक सीटें, wifi, mobile चार्जिंग और CCTV जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इस ट्रेन में एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा और साथ ही प्रीमियम कोच की भी सुविधा उपलब्ध होगी । फिलहाल इस ट्रेन का किराया तय नहीं किया गया है। 

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एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) डेवलप कर रही है जो हाई स्पीड वाला regional passenger transport rail system है। इस तरह की पहली ट्रेन दिल्ली में सराय काले खां-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलेगी। वहीं इस ट्रेन को तैयार करने वाले ALSTOM के इंडिया हेड का कहना है कि इस ट्रेन से लोगों के लिए ट्रैवल का एक्सपीरियंस बदलने वाला है। 

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ऑपरेटिंग स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है और इसकी अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार होगी। यह ट्रेन यात्रियों को नए तरीके का अनुभव होगा। सावली में स्थित एलस्टॉम का मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट पहले आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए कुल 210 कारों की डिलीवरी करेगा। इसमें दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर क्षेत्रीय परिवहन सेवाओं के संचालन और मेरठ में स्थानीय मेट्रो सेवाओं के लिए ट्रेनसेट शामिल हैं। ट्रेनों के आने के बाद इस साल के अंत तक प्रायोरिटी सेक्शन को 2023 तक और पूरे कॉरिडोर को 2025 तक चालू करने का लक्ष्य है।