राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा है कि मेघालय में कृषि आधारित उद्योंगों की विशाल क्षमता है और प्राकृति संसाधनों की प्रचुरता के चलते राज्य में कृषि उत्पादन में हालिया वृद्धि हुई है। एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एसोचैम) के तत्वावधान में भारत सरकार उमियम स्थित आईसीएआर अनुसंधान केंद्र एनईएच क्षेत्र में आयोजित सरकारी योजनाों और बाजार के साख खाद्य योजनाओं और बाजार के साथ खाद्य प्रसंस्करण में लिंकिंग स्टार्टअप एंड एसएमई पर एक दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में राज्यपाल ने ये बातें कहीं।

राज्य में इस क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण के विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्पादन उपभोग, निर्यात व विकास संभावनाओं के मामले में मेघालय सबसे बड़ा है। खाद्य प्रसंस्करण के महत्व का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृषि उत्पाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्पादन के स्थान से उपभोग के साथ साथ भंडारण के दौरान संक्रमण के दौरान बर्बाद हो जाता है।

उन्होंने कहा कि इसलिए भारत सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय राहत व प्रोत्साहन के लिए कई योजनाओं के साथ इस क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि इससभी उपायों के जरिए कृषि उत्पादन में व्यावसायीकरण और मूल्यवृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं।