असम के ऊर्जा विभाग ने बिजली चोरों के खिलाफ राज्य भर में बड़ी मुहिम छेड़ी है। विभाग (APDCL) की टीमों ने ताबड़तोड़ 1900 से ज्यादा छापे मारे हैं। उल्लंघन पकड़े जाने पर 600 से ज्यादा एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। ये सारी कार्रवाई जून महीने में अवैध बिजली कनेक्शन और बिजली चोरी के संबंध में की गई। असम ऊर्जा विभाग के मुताबिक राज्य भर में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के बिजली बिलों का भुगतान लंबित हैं। वहीं सरकारी विभागों पर ही ऊर्जा विभाग का 106 करोड़ रुपया बकाया है।

असम पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) ने जून महीने में डिफॉल्टर्स से 500 करोड़ रुपए से ज्यादा के बकाया भुगतान की वसूली की है। APDCL के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश कुमार ने आजतक को बताया, जून के महीने में APDCL ने अवैध बिजली कनेक्शन और बिजली चोरी को लेकर 1904 छापे मारे। साथ ही बिजली के गैर अधिकृत बकाया और बिजली चोरी को लेकर 611 एफआईआर दर्ज की गईं। 

राकेश कुमार के मुताबिक 14.94 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया गया जिसमें से 2.10 करोड़ वसूल भी लिए गए। सबसे ज्यादा एफआईआर मंगलडोई, लखीमपुर और नगांव जिलों में दर्ज की गईं। APDCL ने जून में 1.11 लाख कनेक्शन विच्छेदित किए। इनमें से 48,172 कनेक्शन को बकाया का भुगतान होने के बाद तत्काल बहाल भी कर दिया गया। इस तरह विभाग ने 27 करोड़ रुपए का बकाया वसूला। 

राकेश कुमार ने बताया, “हमने लंबित बिजली बिलों के बकाया 501 करोड़ रुपए बिना किसी सब्सिडी के वसूले। बिजली बिलों का बकाया और बिजली चोरों को पकड़ने का अभियान लगातार जारी रहेगा। 2000 करोड़ रुपए के बिजली बिलों का बकाया अब भी बाकी है।” 

इससे पहले APDCL ने राज्य सरकार के विभागों से आग्रह किया था कि अपने कर्मचारियों को जून महीने की सैलरी तब ही जारी करें जब वो पहले अपने बिजली बिल के भुगतान की रसीद दिखाएं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर 6 जून को APDCL ने असम सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में चिट्ठी भेजी थी। इस चिट्ठी में कर्मचारियों से बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था।