उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार तड़के एक पुराने मकान की छत ढहने से मलबे में दबकर एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजन को दो लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया है। 

पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि उमाशंकर अपने परिवार के साथ छोटी गुदरी स्थित शिवप्रसाद गुप्त के मकान में किराए पर रहते थे।  मकान काफी पुराना था। बुधवार को तड़के करीब तीन बजे मकान की छत अचानक ढह गई, जिससे पूरा परिवार मलबे में दब गया। 

 

उन्होंने बताया कि छत ढहने की धमक सुनकर पास-पड़ोस के लोगों ने तुरंत दौड़कर बचाव कार्य शुरू कर दिया और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।  सुबह करीब आठ बजे तक पुलिस ने पांचों शव मलबे से निकलवाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा।  मृतकों में उमाशंकर (50), उनकी पत्नी गुडिय़ा (48), बेटे शुभम (22), सौरभ (18) और बेटी संध्या (20) शामिल हैं। 

जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ परिवार पिछली तीन पीढिय़ों से 100-200 प्रतिमाह किराए पर इस मकान के पीछे के हिस्से में रह रहा था।  इस परिवार का मुखिया उमाशंकर मोटर मैकेनिक था और मकान को लेकर मकान मालिक से उसका कोई विवाद नहीं था।  पड़ोसियों के मुताबिक बताया कि अब उमाशंकर की एक बेटी वाराणसी मैं पढ़ती है और नवंबर में उसकी शादी होनी है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीडि़त परिजन को दो लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है।