कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देशभर में तबाही मचाई हुई है। कई राज्यों में यह महामारी काफी ज्यादा फैल गई है। इन्हीं राज्यों में एक महाराष्ट्र है। पिछले कुछ दिनों में तमाम तरह की पाबंदियों को लागू किए जाने के बावजूद भी महाराष्ट्र में कोरोना के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। राज्य में गुरुवार को एक बार फिर से 67 हजार से अधिक कोरोना केस मिले हैं, जबकि 568 लोगों की जान चली गई।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 67,013 नए कोरोना के मामले सामने आए हैं। इसके बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 40,94,840 हो गई है। एक्टिव मामलों की बात करें तो 6,99,858 मरीजों का इलाज चल रहा है। पिछले एक दिन में 62,298 लोग बीमारी को हराकर ठीक हो चुके हैं। राज्य में अभी तक 33,30,747 लोग ठीक हुए हैं।

इस बीच महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में ऑक्सीजन की भी कमी होने लगी है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने गुरुवार को कहा है कि अगर जीवनरक्षक गैस की आवश्यक आपूर्ति में मदद मिलती है तो राज्य सरकार केंद्र के पैर छूने को भी तैयार है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "राज्य सरकार लोगों की जान बचाने के लिए सब कुछ करने को तैयार है। हम काफी विनम्रता से अनुरोध कर रहे हैं ... यहां तक ​​कि ऑक्सीजन की आवश्यक मात्रा के लिए केंद्र के पैर छूने को भी तैयार हैं।" टोपे ने कहा कि राज्यों के बीच ऑक्सीजन के वितरण का अधिकार केंद्र सरकार के हाथों में है। उन्हें अपने अधिकारों का उपयोग करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन मिले।