अंधविश्वास में आधी से ज्यादा दुनिया अंधेरे में जी रही है। अंधविश्वास के चक्कर में कई लोगों ने अपनी जान दे दी है लेकिन लोग इससे सीख नहीं ले रहे हैं। बल्कि और ज्यादा अंधविश्वास में जाते जा रहे हैं। इसी अंधविश्वास की एक विचित्र घटना में, एक 25 वर्षीय व्यक्ति ने एक मंदिर में अपना गला काट लिया और महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एक 'शिवलिंग' पर खून डाला है।


रिपोर्ट के अनुसार, कहरवाड़ गांव के एक मछुआरे नंदू घुंगसे ने अपना गला काटकर खून डाला, पुलिस को यह शक है। पुलिस को संदेह है कि उसने अघोरी प्रथा के तहत कठोर कदम उठाया था। वह पठान शहर के महादेव मंदिर में मृत पाया गया था। यह घटना सिद्धि अली दरगाह के पास हुई। बिहारी परदेशी के रूप में पहचाने जाने वाले एक व्यक्ति उस मंदिर में गए जहां उन्होंने घुंगस के शरीर को देखा था।


परदेशी ने इसके बाद पुलिस को सूचित किया, जिसे तुरंत घटनास्थल पर ले जाया गया और घुंगसे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कोरोना काल में एक शख्स ने मंदिर में अपनी जीभ काट ली और शिव को चढ़ा दिया था। इसी तरह से कई  लोग हैं जो इस तरह के अंधविश्वास में ऐसे ऐसे काम करते हैं।