भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ रही है। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र में बरपा है। महाराष्ट्र अब ऐसा राज्य बन गया है जहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा एक लाख पार होने वाला है। हैरानी की बात यह है कि दुनियाभर में सिर्फ सात ही देश ऐसे हैं जहां कोरोना से 1 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई है। रविवार को आने वाले आंकड़ों के बाद महाराष्ट्र यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज कर सकता है।

महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना वायरस के 13 हजार 659 नए मामले दर्ज किए गए, जो कि 10 मार्च के बाद से सबसे कम थे। इस दौरान राज्य में 300 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक कुल 99 हजार 512 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ा है। ऐसे में रविवार या फिर सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 1 लाख पार हो सकता है।
अब तक किन सात देशों में लाख से ज्यादा मौतें?
दुनियाभर में अभी तक सात ही ऐसे देश हैं जहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा एक लाख के पार हुआ हो। इनमें से एक भारत भी है। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के बनाए कोविड ट्रैकर के मुताबिक, इस अनचाहे रिकॉर्ड में सबसे ऊपर अमेरिका है जहां कोरोना ने 5 लाख 97 हजार 377 लोगों की जान ली है। इसके बाद भारत में 3 लाख 46 हजार 759, ब्राजील में 4 लाख 72 हजार 531, यूनाइटेड किंगडम में 1 लाख 28 हजार 99, इटली में 1 लाख 26 हजार 472, रूस में 1 लाख 21 हजार 365 और फ्रांस में 1 लाख 10 हजार 135 लोगों ने कोरोना के कारण दम तोड़ा है।

महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 58,19,224 और मृतकों की संख्या बढ़कर 99,512 हो गई है। राज्य में लगातार छठे दिन संक्रमण के मामले 20,000 से नीचे आए। महाराष्ट्र में अब 1,88,027 मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं, मुंबई में कोविड-19 के 863 नए मामले सामने आए हैं और 29 लोगों की मौत हो गई।
देशभर में आने वाले कोरोना के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में महाराष्ट्र का अब तक सबसे बड़ा योगदान रहा है। कुल मौतों में देखें तो देशभर के आंकड़ों में लगभग 29 फीसदी हिस्सेदारी अकेले महाराष्ट्र की है। शनिवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना से 3 लाख 46 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है।

बता दें कि देश में बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना वायरस के कुल 1 लाख 14 हजार नए मामले दर्ज किए गए हैं तो वहीं इस अवधि में 2 हजार 677 लोगों की जान भी गई है।