भारत में एक नई और छोटी असॉल्ट राइफल विकसित की गई है जो बेहद छोटी और घातक है। इस राइफल का नाम बेबी टार है। यह लैपटॉप के आकार की राइफल है जिसें अपने कोट के अंदर भी छिपा सकते हैं। यह दुनिया की सबसे घातक असॉल्ट राइफल एके47 की गोलियां दागती है। यह एक मिनट में 700 गोलियां दाग सकती है।

त्रिची ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने इस बेहद छोटी असॉल्ट राइफल को बनाया है। त्रिची ऑर्डनेंस फैक्ट्री साल 2017 से इसका उत्पादन कर रही है। इस राइफल का नाम रखा गया है बेबी टार । कुछ समय पहले ही भारतीय सेना ने 9.19 मिलीमीटर की कार्बाइन का प्रदर्शन किया था। उसके बाद यह हथियार आने से भारतीय सेना और सुरक्षाबल नजदीकी लड़ाइयों में इसका सटीकता से उपयोग कर सकते हैं।

बेबी टार का पूरा नाम है बेबी त्रिची असॉल्ट राइफल फिलहाल भारतीय सेना के साथ इसके अनाधिकारिक ट्रायल्स चल रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन में त्रिची ऑर्डनेंस फैक्ट्री ने इसके दर्जनों प्रोटोटाइप निकाले हैं। इसके कुछ पुराने वर्जन भी है।

इसके फिलहाल तीन प्रोटोटाइप मौजूद हैं। हर प्रोटोटाइप ने अब तक बिना रूके 2000 गोलियां दागी हैं। इसकी फायरिंग कैपेबिलिटी बेहद उम्दा है। बेबी टार में एके की गोलियां डाली जा सकती हैं यानी 7.62.39 मिलीमीटर की कार्टिज। ये गोलियां बहुतायत में निर्मित और उत्पादित हो रही हैं। इसलिए इस राइफल के लिए गोलियों की कमी नहीं होगी।

इसमें एके47 की तरह ही 30 राउंड वाली घुमावदार बॉक्स मैगजीन लगती है। इसका बैरल यानी नली 16 इंच से घटाकर 8.3 इंच का कर दिया गया है। इससे इसकी रेंज पर कोई असर नहीं पड़ा। यह 150 मीटर तक सटीक निशाना लगाती है। बेबी टार के बट को फोल्ड किया जा सकता है।

इस राइफल का वजन बिना गोलियों के 2.7 किलोग्राम है। यह एके47 से एक किलोग्राम हल्की है। यह मोनोब्लॉक रिसीवर है। इसके निचले हिस्से शॉकप्रूफ पॉलीमर से बने हैं। इसके अलावा दो पिकैटिनी रेल्स बंदूक के ऊपर की तरफ हैं जिसपर दुनिया में मौजूद कई साइट्स और स्कोप लगाए जा सकते हैं।