सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) शुरू हो गया है। यह 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण है, जो पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा। इस आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 6 घंटे 2 मिनट की होगी। इस मौके पर असम के कामाख्या मंदिर (Kamakhya temple) के कपाट अपराह्न तीन बजे बंद कर दिए थे।

चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय स्थिति है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे अपनी छाया में आता है। यह तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में स्थित हों। इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण, चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा पर ही हो सकता है।
इससे पहले 18 फरवरी, 1440 को इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) लगा था। अब इतनी लंबी अवधि का आंशिक चंद्रग्रहण 8 फरवरी 2669 को लगेगा। आंशिक चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण) अरुणाचल प्रदेश के उत्तरी भागों में देखा जाएगा जबकि पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश और ओडिशा के कुछ जिलों में देखा जाएगा।

चंद्र ग्रहण 2021 को देखने के लिए सोलर फिल्टर ग्लास और टेलीस्कोप का उपयोग किया जा सकता है।
चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) का टाइम-

वाराणसी भारतीय हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष का अंतिम और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण शुक्रवार 19 नवंबर 2021 को दोपहर 12:48 बजे कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा से शुरू होकर 4:17 बजे समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण की मुख्य अवधि 3 घंटे 28 मिनट 24 सेकेंड की होगी।
चंद्र ग्रहण 2021 कहाँ दिखाई देगा?
यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (Arunachal Pradesh) असम और अरुणाचल प्रदेश में कुछ ही क्षणों में देखा जाएगा, जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप जैसे विदेशों में भी लोग चंद्र ग्रहण का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं।
किस राशि के जातकों के लिए शुभ या अशुभ?

चंद्र ग्रहण 2021 तुला, कुम्भ और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा तो वहीं मेष, वृष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए अशुभ रहेगा।