पिछले 27 साल तीन महीने से टेंट में विराजमान भगवान रामलला को नवरात्र के पहले दिन आज अस्थायी फाइबर मंदिर में शिफ्ट किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान पूजा-अर्चना में शामिल हुए। आज सुबह तीन बजे रामजन्म भूमि परिसर में स्थित गर्भगृह में रामलला को स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अस्थायी मंदिर में विराजमान किया गया। 

मंत्रोच्चार के साथ गर्भ गृह से रामलला को उनके तीनों भाइयों और सालिकराम के विग्रह के साथ अस्थायी नए आसन पर विराजमान किया गया। नए मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरती की। इस दौरान रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और ट्रस्ट के कुछ अन्य समस्य मौजूद रहे। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। मंदिर के गर्भगृह में रामलला चांदी के साढ़े नौ किलोग्राम के चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे। इस सिंहासन का निर्माण जयपुर के कारीगरों ने किया है।

फाइबर का नया मंदिर 24X17 वर्ग फुट आकार के साढ़े 3 फुट ऊंचे चबूतरे पर स्थापित है। इसके शिखर की ऊंचाई 25 फुट है। हर तरफ सुरक्षा को लेकर मजबूत जालीदार कवच बना है। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए तीन हिस्से से होकर गुजरना होगा, जिसकी लंबाई मात्र 48 मीटर की ही होगी। सुरक्षा को लेकर पूरे रास्ते में एलईडी के बल्ब से रेाशनी का इंतजाम किया गया है। फाइबर मंदिर की दीवारें मलेशिया की ओक लकड़ी की स्ट्रिप्स को जोड़कर खड़ी की गई हैं।

24 फीट लंबे, 17 फीट चौड़े और 19 फीट ऊंचे भवन पर 27 इंच का शिखर है। इस भवन की बाहरी दीवार जर्मन फाइन और अंदर रशियन के स्तुनिया शहर की फाइल लगी है। लकड़ी जैसी दिखने वाले इस मंदिर में तीन तरफ से शीशे लगे हैं। भवन की खासियत है कि इसमें तापमान का असर नहीं पड़ता है। अस्थायी मंदिर के बाहर 27 फीट ऊंचा लोहे का जाल है। 5 फीट की गैलरी श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई है। सामने से दर्शन के लिए रंग मंडप बना है। मंदिर के अंदर चारों तरफ रामायण के प्रसंगों के चित्र बने हुए हैं। दर्शन की गैलरी में टाइल्स लगाई गई है। रामलला के अस्थाई मंदिर में विराजमान होने के साथ ही अब श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए ज्यादा दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। साथ ही काफी करीब से रामलला के दर्शन शुरू हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान रामलला को अस्थायी मंदिर में शिफ्ट कराया। यह अस्थायी मंदिर राम जन्मभूमि परिसर में मानस भवन के नजदीक बनाया गया है। भगवान रामलला यहां मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने तक रहेंगे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपये का चेक भी सौंपा।

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