विरुदुहुनगर पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता राजेंद्र भालाजी (Rajendra Bhalaji) के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (Lookout notice) जारी किया है। 17 दिसंबर को पूर्व मंत्री यह जानकर एक जनसभा से गायब हो गए थे कि मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) ने नौकरी धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

विरुदुहुनगर के पुलिस अधीक्षक एम. मनोहरन ने कुछ दिन पहले सर्कुलर जारी किया था और पूर्व मंत्री को विदेश भागने से रोकने के लिए इसे देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भेज दिया है। राजेंद्र भालाजी (Rajendra Bhalaji) पर तमिलनाडु सरकार की दुग्ध सहकारिता (Milk Co-Operation of Tamil Nadu Government) ‘आविन’ में नौकरी नौकरी चाहने वालों को धोखा देने का आरोप है, वह पिछले अन्नाद्रमुक शासन के दौरान डेयरी विकास मंत्री थे।

विरुधुनगर पुलिस ने बताया कि भगोड़े पूर्व मंत्री को पकड़ने के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया गया है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है लेकिन वह अब तक गिरफ्तारी से बचे हैं। जिला पुलिस ने पूर्व मंत्री के खिलाफ धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए हैं। अपनी अग्रिम जमानत खारिज होने की खबर आने के तुरंत बाद, पूर्व मंत्री (Rajendra Bhalaji) ने तीन कारों को बदल दिया और पुलिस के जाल से बचने के लिए जिले के ग्रामीण इलाकों से निकल गए थे। अन्नाद्रमुक के एक पूर्व पदाधिकारी, विजया नल्लाथंबी ने भी राजेंद्र भालाजी के खिलाफ यह कहते हुए एक मामला दर्ज किया है कि उन्होंने पूर्व मंत्री को 1.60 करोड़ रुपये सौंपे थे जो उन्होंने कई नौकरी चाहने वालों से एकत्र किए थे।