पूर्वोत्तर राज्य असम की तेजपुर संसदीय सीट पर इस वक्त भारतीय जनता पार्टी के नेता राम प्रसाद शर्मा सांसद हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के भूपेन कुमार बोरा को 21 हजार 582 वोटों से हराकर अपने नाम की थी। तेजपुर एक सुन्दर शहर है जो ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर स्थित है। यह सोनितपुर जिले का जिला मुख्यालय है।


तेजपुर अपनी सांस्कृतिक श्रेष्ठता के लिए जाना जाता है। तेजपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 9) में कुल मतदाताओं की संख्या 12,59,568 है। इनमें से 6,54,866 मतदाता पुरुष हैं और 6,04,702 महिलाएं हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 9,80,688 लोगों मतदान किया था। इनमें 5,05,643 मतदाता पुरुष और 4,75,045 मतदाता महिलाएं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 78 फीसदी मतदान हुआ था।

यह सामान्य सीट है। 1967 में इस सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस के बीसी भगवती ने चुनाव जीता था। 1971 में इस सीट से कांग्रेस के कमला प्रसाद अग्रवाल चुनाव जीते। वहीं 1977 में बीएलडी के पूर्णनारायण सिन्हा ने बाजी पलटते हुए यहां कांग्रेस को हरा दिया। 1985 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने बिपिन दास को उतारा और वे जीतने में भी सफल रहे। 1991 में यहां से कांग्रेस के स्वरूप उपाध्याय जीते।


1996 में इस सीट कांग्रेस ने ईश्वर हजारिका ने नेतृत्व में जीत दर्ज की।1998, 1999 और 2004 में यहां से कांग्रेस के मोनी कुमार सुब्बा तीन बार सांसद चुने गए। 2009 में असम गण परिषद के जोसेफ टप्पो ने मोनी सुब्बा को हरा दिया। 2014 के चुनाव में असम में भी मोदी लहर देखने को मिली। इस जीत पर पहली बार बीजेपी जीती और राम प्रसाद शर्मा सांसद चुने गए। 1985 के 2014 के बीच यहां पर इस सीट पर 6 बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी जीती है।


अगर बात मौजूदा सांसद राम प्रसाद शर्मा की करें तो वह पेश से वकील है। राम प्रसाद का जन्म सोनितपुर को बेहाली में 14 फरवरी 1955 को हुआ था। अगर हम उनके पांच साल के कार्यकाल पर नजर डालें तो उन्होंने पांच साल में लोकसभा में 126 प्रश्न पूछे, जबकि उन्होंने 55 डिबेट में हिस्सा लिया। वहीं अगर उनकी लोकसभा में उपस्थिति की बात करें तो वे मई 2014 से दिसंबर 2018 के बीच उनकी उपस्थिति 78 फीसदी रही।

गुवाहाटी से लगभग 184 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तेजपुर ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर असम का एक खूबसूरत शहर है। यह शहर शांत पहाड़ियों, गहरी घाटियों और हरियाली से घिरा हुआ है। यह राज्य का पांचवा बड़ा शहर है। अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण इसे असम का 'कल्चरल कैपिटल' भी कहा जाता है। आधुनिक तेजपुर 1835 में प्रसिद्ध हुआ जब ब्रिटिश लोगों ने इसे दर्रांग जिले का मुख्यालय बना दिया। अपनी सामरिक स्थिति के कारण और अरुणाचल प्रदेश से इसकी निकटता के कारण तेजपुर में सेना और वायुसेना की व्यापक उपस्थिति है।