सुरक्षित मणिपुर बाहरी लोकसभा सीट पर गुरुवार को 75 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान यहां किसी बड़ी घटना की खबर नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा सीट की 28 विधानसभा सीटों से आंकड़े जुटाने के बाद मतदान 75 प्रतिशत से अधिक था। यह आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि दूर-दराज के मतदान केंद्रों से आंकड़े आने अभी बाकी हैं। 

सीमांत शहर मोरेह में मतदान को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों को मतदान केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जबकि उनके पास निर्वाचन आयोग द्वारा जारी उचित दस्तावेज मौजूद थे। मतदान केंद्रों की रखवाली में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने कहा कि वे अपने कमान अधिकारी के आदेश के बगैर किसी को भी अंदर नहीं जाने देंगे। अधिकारियों ने कहा कि सैकुल, जाफौ और संगुनू जैसे कुछ पहाड़ी मतदान केंद्रों में मतदान देर से शुरू होने की खबरें हैं। हालांकि औपचारिक शिकायतें प्राप्त होनी अभी बाकी हैं। 

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि सशस्त्र विद्रोहियों ने कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनें छीन लीं। पहाड़ी इलाके में एक मतदान अधिकारी को फोन पर सूचित किया गया कि 80 प्रतिशत मतदान हो जाने के बाद वह बूथ बंद कर दें। नॉर्थ ईस्ट इंडिया डेवलपमेंट पार्टी के उम्मीदवार अशंग कासर को एक उग्रवादी संगठन ने चंदेल जिले के चादोंग स्थित अपने घर न आने की धमकी दी थी। हालांकि उन्होंने धमकी की परवाह न करते हुए सुरक्षाकर्मियों की मदद से अपने गांव का दौरा किया और कुछ मतदान केंद्रों पर भी गए। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा।