लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी 81 में से 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम की दूसरी सूची जारी की, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान को जरमुंडी से प्रत्याशी घोषित किया गया है। झारखंड लोजपा की यहां जारी दूसरी सूची में कहा गया है कि प्रधान जरमुंडी से, बबलू सागर मुंडा बरकागांव से, शैलेंद्र नाथ दि्वेदी सिंदरी से, केदार पासवान जमुआ से और मो. नईम अंसारी रामगढ़ से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। 

इससे पूर्व लोजपा ने कल प्रथम चरण चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। गौरतलब है कि लोजपा ने झारखंड में राजग के अन्य घटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के साथ सीट बंटवारे की वार्ता विफल होने के बाद राज्य में 50 सीटों पर चुनाव लडऩे की घोषणा कर चुकी है। घटकों दलों के साथ बातचीत के दौरान लोजपा ने जरमुंडी समेत छह सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने की मांग की थी। गौरतलब है कि झारखंड में 30 नवंबर, 7 दिसंबर, 12 दिसंबर, 16 दिसंबर और 20 दिसंबर को पांच चरणों में मतदान होना है। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे। झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म होगा। वहां कुल 81 सीटें, बहुमत के लिए 41 का आंकड़ा जरूरी है।  

लोजपा तीन विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर नहीं जीती थी

लोजपा ने 2005 में 38 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी प्रत्याशी नहीं जीत पाया।  2009 के चुनाव में लोजपा ने झारखंड में 10 सीट और 2014 में एनडीए गठबंधन के तहत एक सीट पर चुनाव लड़ा था। 2009 और 2014 में एक भी सीट पर लोजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल नहीं हुई थी। 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने आजसू और लोजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। राज्य 81 सीटों में से 72 सीटों पर भाजपा, 8 पर आजसू और शिकारीपाड़ा सीट पर लोजपा ने उम्मीदवार उतारा था। हालांकि इस सीट पर लोजपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा था।