बिहार में एक ही दिन में सर्वाधिक 749 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 13274 हो गई। इसे देखते हुए तथा संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए पटना व भागलपुर में फिर से लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। 

बताया जाता है कि पटना में शुक्रवार से सात दिनों के लिए तो भागलपुर में गुरुवार से चार दिनों का लॉकडाउन लागू किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें कि बिहार के अररिया में 8, अरवल में 12, औरेंगाबाद में 7 , बांका में 5, बेगूसराय में 67, भागलपुर में 50, भोजपुर में 2, बक्सर में 14, दरभंगा में 8, पटना में 237, पूर्वी चंपारण में 8, गया में 15. गोपालगंज में 61, जमुई में 6 जहानाबाद में 18, कैमूर में 6, खगड़िया में 14, किशनगंज में 8, लखीसराय में 10, मधेपुरा में 13, मधुबनी में 17, मुंगेर में 24, मुजफ्फरपुर में 17, नालंदा में 36, पूर्णिया में 22, रोहतास में सहरसा में 5, समस्तीपुर में 2, शेखपुरा में 8, शिवहर में 2, सीवान में 20, सुपौल में 13, वैशाली में 3 और पश्चिमी चंपारण में 1 संक्रमित मरीज की पहचान की गई।

राजधानी पटना में बुधवार को रिकॉर्ड 237 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई। वहीं फतुहा के डीएसपी मनीष कुमार भी कोरोना संक्रमित पाए गए, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

कोरोना संक्रमण पटना में तेजी से बढ़ती जा रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आइसोलेशन सेंटर में बेड बढ़ाने का निर्णय लिया है। अगले तीन दिनों में आइसोलेशन सेंटर में दो हजार बेड बढ़ाएं जाएंगे।

अधिकारियों को आइसोलेशन सेंटर पर खानपान एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करने तथा निगरानी के लिए टीम गठित करने को कहा। डीएम ने कहा है कि जरूरत पड़े तो आइसोलेशन सेंटर पर शिक्षकों की भी तैनाती की जाए। वर्तमान समय में चार प्रकार के व्यक्तियों का टेस्ट हो रहा है। इसमें पहला मरीज के कंटेक्ट में आने वाले लोग शामिल हैं। दूसरा कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोग, तीसरा हेल्‍थ वर्कर तथा चौथा जिनमें बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं।