दक्षिण गारो हिल्स में भारत बांग्लादेश बॉर्डर के स्थानीय लोगों ने मेघालय सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में उनका मुआवजा नहीं दिया गया तो वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर हुई फेंसिंग को तोड़ देंगे। बाघमारा जिले के दाबराम में भारत बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग लैंड ऑनर्स एसोसिएशन (आईबीबीएफएलओए) ने एक ज्ञापन सौंपा है।

इसमें कहा गया है कि स्थानीय लोगों के लंबे समय से ड्यू को सरकार को क्लीयर करना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों से यह वादा कर बॉर्डर लैंड ली थी कि उन्हें बदले में मुआवजा दिया जाएगा लेकिन पिछले 24 साल से स्थानीय लैंड ऑनर्स को मुआवजा नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक ए.टी.संगमा ने दक्षिण गारो हिल्स के स्थानीय लोगों की ओर से धमकी मिलने की पुष्टि की है।

एसपी संगमा ने कहा कि हालांकि अथॉरिटीज को धमकी मिली है लेकिन पुलिस ने अभी तक इलाके में किसी तरह का डिस्टर्बेंस नहीं देखा है। संगमा ने बताया कि फेंसिंग एरिया में लैंड का 200 यार्ड शामिल है। यह जीरो लाइन से कथित बॉर्डर फेंसिंग की दूरी है। जीरो लाइन 150 मीटर है। पुलिस लगातार सीमावर्ती इलाकों में गश्त कर लही है। संबंधित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा के लिए जल्द ही बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स(बीएसएफ) के साथ टाइ अप किया जाएगा।

बाघमारा जिले के एसपी ने कहा कि फेंसिंग के नजदीक जिन लोगों के घर हैं, वे प्रशासन के लिए मुश्किल पैदा कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाके के निवासियों का दावा है कि वे अपने मुआवजे का इंतजार करते करते थक चुके हैं। बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए राज्य सरकार ने उनकी जमील ली थी और मुआजवे का वादा किया था जो अभी तक नहीं मिला है। मेघालय में अगले साल विधानसभा चुनाव है। 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए फरवरी में चुनाव है। राज्य में फिलहाल मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है। यहां कांग्रेस को भाजपा से कड़ी चुनौती मिल रही है।