बिहार में अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू और लोजपा में बीच चल रही तनातनी खुलकर सामने आ गई है। दरअसल लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार की राजनीतिक स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, पासवान ने पत्र में कहा कि बिहार सरकार के कामकाज से लोग नाखुश हैं और इसका असर विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। हालांकि, चिराग ने पीएम मोदी को जो पत्र लिखा है, उसे उन्होंने सार्वजनिक नहीं किया है।

सूत्र बताते हैं कि चिराग ने अपने पत्र में कोविड-19 की बिहार में स्थिति और उससे संबंधित आंकड़े को लेकर सरकार पर संशय व्यक्त किया है। एलजेपी अध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में उन्हें जो जानकारी दी गयी है, उसी के आधार पर वह यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने बिहार में अफसरों के कामकाज के रवैये पर भी टिप्पणी की है। बता दें कि शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात हुई थी। तब यह कहा गया था कि एलजेपी और बीजेपी सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार चुनाव लड़ेगी। 

नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को गठबंधन के लिए काम करने को कहा था। साथ ही स्‍पष्‍ट किया था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए चुनावी मैदान में जा रहा है। न केवल भाजपा, बल्कि एनडीए के घटक दल जदयू व लोजपा के उम्मीदवारों को भी जीत दिलानी है। उन्होंने भरोसा दिया कि चुनाव में सम्मानजनक समझौता होगा। हालांकि, इसके बाद चिराग की ओर से बिहार सरकार के कामकाज को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा ये पत्र जाहिर करता है कि एनडीए में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है। गौरतलब है कि शुक्रवार को एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के बारे में केंद्रीय मंत्री व एलेजपी के संस्थापक रामविलास पासवान ने कहा था कि वे चिराग के हर फैसले के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। साथ ही विश्वास जताया था कि अपनी युवा सोच से चिराग पार्टी व बिहार को नयी ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।