प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गुजरात के गधों वाले बयान को लेकर पलटवार किया। उन्होंने गधे को प्रेरणा लेने वाला पशु बताया। पीएम ने यहां चुनावी रैली में कहा कि अखिलेश जी! गुजरात के गधों से क्यों घबराते हो? वह तो कई सौ किलोमीटर दूर है।

प्रधानमंत्री ने कहा, गधे से भी प्रेरणा ली जा सकती है। पीठ पर चूना हो या चीनी,वह भेदभाव नहीं करता। काम करता जाता है। मैं भी उससे प्रेरणा लेता हूं,बिना अवकाश काम करता हूं। लोकतंत्र में मैं आलोचनाओं को प्यार से लेता हूं। अखिलेश जी मोदी पर हमला करे तो समझा जा सकता है लेकिन आपने गधे पर हमला कर दिया यानी आपको गधों से भी डर लगने लगा क्या? पशु में भी ऊंच नीच का भाव देखने लग गए। गधा आपको इतना बुरा लगने लगा। अगर दिल दिमाग साफ हो तो किसी से भी प्रेरणा ले सकते हैं। गधा अपने मालिक का वफादार होता है। कम खर्चे में पूरा काम करता है। गधा कितना भी बीमार हो,कितना भी थका हुआ हो,मालिक अगर काम लेता है तो बीमारी के बावजूद वह काम पूरा करता है। देश के 125 करोड़ वासी मेरे मालिक हैं। मुझसे जितना काम बन पड़ता है,करता हूं। मैं देशवासियों के काम आऊं यही मेरी लालसा है। गधा किसी काम में भेद नहीं करता। भ्रष्टाचार में शामिल लोग नोट का फर्क करते हैं,गधे नहीं। आपकी सरकार इतनी एक्टिव है कि एक भैंस खो जाने पर पूरा सरकारी अमला उसे खोजने में जुट जाता है। आपने जिसके साथ हाथ मिलाया है,उनको भी समझाने का प्रयास करते क्योंकि यूपीए सरकार ने 2013 में इसी गुजरात के गधों पर डाक टिकट निकाला था। अखिलेश जी आपको गुजरात के गधों से इतनी नफरत क्यों है। इसी गुजरात ने दयानंद सरस्वती,महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल को जन्म दिया। यहां तक कि भगवान कृष्ण ने भी गुजरात में बसना पसंद किया। यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति पर कार्रवाई नहीं होने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा,हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं लेकिन यूपी की अखिलेश सरकार गायत्री प्रजापति मंत्र का जाप कर रही है। प्रजापति पर गंभीर आरोप हैं लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। गिरफ्तारी की बजाय अखिलेश यादव उनका चुनाव प्रचार कर रहे हैं। ऐसे लोग सत्ता में रहकर अरमानों को कुचल देते हैं। सपा कांग्रेस गठबंधन पर हमला करते हुए पीएम ने कहा,यह गठबंधन दिल बड़ा करके नहीं बल्कि दिल कड़ा करके हुआ है। कांग्रेस डूबती नाव है और इससे आप बचने वाले नहीं है। ओडिशा,महाराष्ट्र जहां कहीं चुनाव हुए वहां कांग्रेस का सफाया हो गया है। यूपी की जनता ऐसे अवसरवादी गठबंधन को स्वीकार नहीं करती। 27 साल यूपी बेहाल बताने वालों के साथ अखिलेश जी ने गठबंधन कर लिया। यूपी का हाल क्या होगा,आप इससे सहज अंदाजा लगा सकते हैं। बहराइच तो ब्रह्मा की धरती है लेकिन यहां की सरकार ने इसे बदनाम कर दिया। रेत माफिया,शिक्षा माफिया, खदान माफिया यहां लोगों को परेशान कर रहे हैं। सरकार इसे रोक सकती है लेकिन जो खुद ही इसमें शामिल है वे ऐसा क्यों करेंगे। बहराइच से मेरा करीबी रिश्ता है। यहीं आखिरी बार मैंने संगठन के प्रचार का जिम्मा निभाया था। इसी दौरान मेरे पास तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का फोन आया और मुझे उन्होंने दिल्ली बुला लिया। इसके बाद मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिल गई। इस लिहाज से मेरा बहराइच से करीबी रिश्ता जुड़ गया