हिमाचल प्रदेश में आम आदमी जहां महंगाई की मार झेल रहा है।  वहीं, अब उसकी परेशानियां बढ़ गई हैं।  आलम यह है कि पेट्रोल के दाम जहां 100 रुपये पहुंच गए हैं।  वहीं, शराब सस्ती हो गई है।  वहीं, दूध के दामों में भी इजाफा हुआ है।  आम आदमी का महंगाई से जीना मुहाल हो गया है।  वहीं, रसोई गैस की कीमतों में लगातार इजाफा होता रहा है। 

हिमाचल प्रदेश में नई आबकारी नीति बुधवार यानी एक जुलाई से लागू हो गई है।  31 मार्च, 2022 तक नौ महीने के दौरान यह नई नीति लागू रहेगी।  नई नीति के तहत लाइसेंस फीस और एक्साइज ड्यूटी कम होने से देशी और भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते होंगे।  

लोगों की सहूलियत के लिए इस साल डिपार्टमेंटल स्टोर में भी कुछ शर्तों के साथ शराब बिक सकेगी। विदेशी और महंगी शराब की उपलब्धता बनाए रखने के लिए थोक विक्रेताओं को अब किसी स्टेट कस्टम बांडेड वेयरहाउस से शराब लेने की छूट दी गई है।  नई नीति से सरकार को पिछले साल की तुलना में 228 करोड़ रुपये बढ़कर करीब 1829 करोड़ का राजस्व आएगा। 

शिमला में वेरका के दूध के दामों में इजाफा हुआ है।  शिमला के संजौली में वेरका बूथ चलाने वाले अंकुर मेहता बताते हैं कि एक लीटर दूध के पैकेट में दो रुपये का इजाफा हुआ है।  हालांकि, बाजार में यही पैकेट 54 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।  ऐसे में आम आदमी को झटका लगा है।  दूध के दाम बढ़ने से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

हिमाचल में कई जिलों में पेट्रोल जहां 95 रुपये के आसपास बिक रहा है।  वहीं, दुनिया के सबसे ऊंचे फीलिंग स्टेशन पर पेट्रोल 100 रुपये लीटर पहुंच गया है।  पेट्रोल, दूध के दामों ने लोगों की कमर तोड़ दी है।