उत्तर प्रदेश मे इटावा के बीहडो मे स्थापित इटावा सफारी के चार कर्मचारी संक्रमित मिलने के बाद शेरो के प्रशिक्षण पर ब्रेक नग गया है। प्रशिक्षण पर ब्रेक लगने से पर्यटको के लिए खुलने जा रही लायन सफारी पर असर पडने की पूरी पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इटावा सफारी पार्क के उपनिदेशक सुरेश चंद्र राजपूत ने आज यहॉ बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जानवरों की देखरेख में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लायन सफारी में आवश्यक स्टाफ के अलावा किसी अन्य के प्रवेश पर पाबंदी है। शेरों का प्रशिक्षण भी स्थगित कर दिया गया है। प्रशिक्षण कब पूरा होगा, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। सफारी कर्मियो के संक्रमण के चलते व्यापक सतर्कता बरतना शुरू कर दी गई है। 

ऐतिहातन लायन सफारी में कीपर और डाक्टर के अलावा अन्य कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रशिक्षण पर ब्रेक लगने से पर्यटको के लिए खुलने जा रही लायन सफारी पर असर पडने की पूरी पूरी उम्मीद जताई जा रही है। लायन सफारी के अलावा बीयर, डीयर, एंटीलोप और लैपर्ड सफारी हैं। लायन सफारी को छोड़कर बाकी सफारी को आम पर्यटकों के लिए पहले खोला जा चुका है। यहां बाहरी प्रांतों और गैर जिलों से आने वाले दर्शक हिरन, चीतल, तेंदुआ और भालू देखकर प्राकृतिक सौंदर्य की छटा निहारते हैं। सफारी का भ्रमण करने के लिए विदेशी पर्यटक भी बीच-बीच में आते रहते हैं। 

पर्यटन के मानचित्र पर भी इटावा सफारी का नाम अंकित हो चुका है। चालू वर्ष में उम्मीद बंधी थी कि यहॉ पर आने वाले पर्यटक अब शेरों को नजदीक से देख सकेंगे। मानव को देखकर शेरों का व्यवहार दोस्ताना हो इस बात का विशेष प्रशिक्षण लायन सफारी के प्रशिक्षक फरवरी से शेरों को दे रहे थे। प्रशिक्षण का एक चरण पूरा हो चुका था। दूसरे चरण में शेरों के आसपास से वाहनों को गुजारकर देखा जाना था कि इनकी आवाज से शेरों के व्यवहार में परिवर्तन न हो। इन दोनों प्रशिक्षणों के पूरा होने के बाद नेशनल जू अथारिटी से लायन सफारी खोलने की अनुमति मिलनी थी। इस प्रक्रिया के पूरा होने से पहले ही देश में कोरोना की दूसरी लहर चल पड़ी। इस लहर से सफारी भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में सफारी के चार कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए। उनके बाद अन्य कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया है। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।