गंगटोक। संसद के मानसुन सत्र में लिम्बु-तमाग जनजाति को सिक्किम विधानसभा में सीट आरक्षित करने के लिए विधेयक लाने का राज्य सरकार का दावा खरा नहीं उतरा। 

यह आरोप लिम्बु-तमाग वोलेंटेरी कमिटी के अध्यक्ष येहाग सुब्बा ने लगाते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय व राज्य सरकार ने विधेयक पारित होने की अधिकारिक बयान दिए थे। 

उन्होंने कहा कि हालाकि राज्य सरकार ने लिम्बु-तमाग जनजाति को सीट आरक्षण के लिए वर्तमान विधानसभा के 32 विस को बढ़ाकर 40 करने तथा पां च सीट आरक्षित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव को तवोज्जो दिया था, लेकिन मानसून सत्र के संसदीय कार्यसूची में इस विधेयक का उल्लेख तक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे।