नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar, senior leader of Rashtriya Swayamsevak Sangh and founder and chief patron of Muslim Rashtriya Manch) ने अयोध्या के बाद मथुरा को लेकर आ रहे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संविधान और कानून सम्मत तरीकों के साथ-साथ लोकतांत्रिक ढंग से ही मथुरा के मुद्दे का भी समाधान होना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि अयोध्या में भी आखिरकार सच की ही जीत हुई और इसलिए किसी को भी उकसाने, भड़काने और लड़वाने की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। काशी को लेकर उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज भी मंदिर के अंदर मस्जिद को लेकर अब पुनर्विचार करने लगा है।

इंद्रेश कुमार ने उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट का समर्थन करते हुए कहा कि अयोध्या और काशी की तरह मथुरा का भी विकास होना चाहिए क्योंकि तीर्थस्थलों के विकास से सबको फायदा मिलता है।

कश्मीर को लेकर फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब फारूक अब्दुल्ला को लंदन चले जाना चाहिए। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि त्रिपुरा की जनता ने ममता को बता दिया है कि बंगाल, बंगाली, त्रिपुरा और देश के लिए फिट नहीं हैं।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत में मिलाने को लेकर उन्होंने कहा कि वहां पर अवैध कब्जा है। सेना और सरकार तय करें कि, उसे कब वापस लेना है हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार इसे लेकर कोशिश भी कर रही है।

किसान आंदोलन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह है कि यह आंदोलन में सारे देश का किसान आंदोलन नहीं है और अब जब कृषि कानूनों की वापसी की उनकी मांगे मान ली गई हैं और अन्य मांगों के लिए भी कमेटी बना दी गई है तो क्या इसके बावजूद अभी भी रास्ता रोक कर बैठे रहना संवैधानिक और कानूनी है?

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन के बाद भारत की बढ़ रही सुरक्षा चिंताओं और वैश्विक आतंकवाद का जिक्र करते हुए संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बताया कि विश्वग्राम, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच संयुक्त रूप से 11 दिसंबर को नई दिल्ली में वैश्विक आतंकवाद के विभिन्न पहलुओं और इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करने के लिए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें अनेक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।