Corona वायरस के चलते बीमा कंपनियां मालामाल हो चुकी हैं। कोरोना इससे देश में बीमा की मांग तेजी से बढ़ी है, और लोगों ने इतनी बीमा पॉलिसियां खरीदीं कि बीमा कंपनियों का न्यू प्रीमियम कलेक्शन 45% बढ़ा गया है।

जब बीमा कंपनी कोई नई पॉलिसी बेचती है तो पहले साल उसके लिए मिलने वाला प्रीमियम ‘न्यू प्रीमियम’ कहलाता है क्योंकि उसके अगले साल से पॉलिसी के लिए मिलने वाला प्रीमियम ‘रिन्यूअल’ का हिस्सा होता है। बीमा कंपनियों के ’न्यू प्रीमियम कलेक्शन’ में होने वाली वृद्धि उनकी बिजनेस ग्रोथ को भी दिखाती है।

आमतौर पर बीमा कंपनियों के लिए मार्च का महीना अच्छा रहता है, क्योंकि लोग टैक्स में बचत के लिए बीमा में निवेश का विकल्प अपनाते हैं। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के चलते देश में बीमा की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका असर बीमा कंपनियों के न्यू प्रीमियम कलेक्शन पर दिखा है और इसमें 45% की बढ़त दर्ज की गई है।

बीमा नियामक IRDAI की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में देश की सभी 24 बीमा कंपनियों का न्यू प्रीमियम कलेक्शन 9,738.9 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल अप्रैल में इन कंपनियों का न्यू प्रीमियम कलेक्शन 6,727.74 करोड़ रुपये था।

बीमा बाजार में सरकारी कंपनी LIC की धाक है। इसलिए न्यू प्रीमियम कलेक्शन में भी उसने बाजी मारी है। बीते साल के न्यू प्रीमियम कलेक्शन के मुकाबले उसका कलेक्शन इस साल अप्रैल में 35.6% बढ़कर 4,856.76 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल अप्रैल में कंपनी का कलेक्शन 3,581.65 करोड़ रुपये था।

बीमा बाजार में LIC का मार्केट शेयर 49.87% है। जबकि अन्य सभी 23 कंपनियों का टोटल मार्केट शेयर 50.13% है।

अप्रैल में सिर्फ LIC के न्यू प्रीमियम कलेक्शन में तेजी नहीं देखी गई है। बल्कि प्राइवेट सेक्टर की 23 कंपनियों का न्यू प्रीमियम कलेक्शन भी पिछले साल के 3,146.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,882.04 करोड़ रुपये हो गया है।

देश की 24 जीवन बीमा कंपनियों ने अप्रैल में 9,96,933 बीमा पॉलिसियां बेची। ये पिछले साल अप्रैल में बेची गई कुल पॉलिसियों से 140% अधिक संख्या है। सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC की पॉलिसियों में यह बढ़त 275% रही और उसने अप्रैल में कुल 6,92,185 बीमा पॉलिसियां बेची।