मुंबई. देश में कोरोना की दूसरी लहर अधिक खतरनाक साबित हो रही है।  इसके चलते देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम ने आज शुक्रवार 7 मई को क्लेम सेटलमेंट के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स में बड़ी राहत दी है जिसके चलते यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। 

मौजूदा दौर में डेथ क्लेम के जल्द से जल्द सेटलमेंट के लिए, जहां पॉलिसीधारक की मौत अस्पताल में हुई है, म्युनिसिपल डेथ सर्टिफिकेट के बदले में नॉमिनी को अन्य प्रमाण पत्र पेश करने की मंजूरी दी है। एलआईसी द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक अन्य मामलों में डेथ क्लेम के लिए पहले की तरह म्युनिसिपल डेथ सर्टिफिकेट पेश करना जरूरी होगा। 

एलआईसी द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक मृत्यु के अन्य प्रमाण पत्र में डेथ सर्टिफिकेट, डिस्चार्ज समरी, डेथ समरी जिसमें मृत्यु की तारीख और तिथि स्पष्ट रूप से दिखाया गया हो और इसे सरकारी, ईएसआई, सशस्त्र बलों, कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स द्वारा जारी किया गया हो। 

हालांकि इस डॉक्यूमेंट पर एलआईसी के क्लास 1 ऑफिसर्स या 10 साल से अधिक के अनुभव वाले विकास अधिकारी का काउंटर साइन होना जरूरी हो।  इसे अंतिम संस्कार या दफनाने के प्रमाण पत्र के साथ जमा करना होगा।  एलआईसी द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक अन्य केसेज में डेथ क्लेम के लिए पहले की तरह म्युनिसिपल डेथ सर्टिफिकेट पेश करना जरूरी होगा। 

कोरोना महामारी के चलते एलआईसी ने फैसला किया है कि 10 मई से उसके ऑफिसेज हफ्ते में पांच ही दिन सोमवार-शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुलेंगे।  एलआईसी ने मेच्योरिटी, सर्वाइवल बेनेफिट क्लेम्स में डॉक्यूमेंट्स जमा करने को लेकर भी बड़ी राहत दी है। अब इसे किसी भी नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जमा कराया जा सकेगा। 

इसके अलावा जिन लोगों ने रिटर्न ऑफ कैपिटल वाले विकल्प का एन्युटी खरीदा हुआ है, उन्हें 31 अक्टूबर 2021 तक ड्यू एन्युटी वाले केस में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की जरूरत नहीं है।  इसके अलावा एलआईसी ने अन्य मामलों में ई-मेल के जरिए भी लाईफ सर्टिफिकेट स्वीकार करने की बात कही है।  इसके अलावा एलआईसी ने वीडियो कॉल प्रॉसेस के जरिए भी लाईफ सर्टिफिकेट की शुरुआत की है।