अफ्रीकी देश लीबिया के तानाशाह मुअम्मर अल गद्दाफी (muammar al gaddafi) के बेटे सैफ अल इस्लाम गद्दाफी (saif al islam) ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उसने अगले महीने देश में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया है। लीबिया के निर्वाचन एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि सैफ अल इस्लाम (saif al islam) ने सबाह शहर में अपनी उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल किया। 

सैफ अल इस्लाम गद्दाफी (saif al islam) को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) (ICC) ने मानवता के खिलाफ हुए अपराधों को लेकर वॉन्टेड घोषित किया हुआ है और उसे साल 2015 में लीबिया की अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। उसका कहना है कि उसके पास स्थानीय लोगों का समर्थन है। सैफ साल 2011 में अपने पिता की मौत के बाद अंडरग्राउंड हो गया था। वह करीब दस साल बाद लोगों के सामने आया है। 49 साल का सैफ अब पारंपरिक कपड़े पहने दिखाई दिया। इससे पहले कई बार उसकी मौत की अफवाह उड़ चुकी है।

इस समय अमरीका समर्थित लीबिया की सरकार पर देश में महंगाई, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे है। जिसके चलते देश में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। आम जनता की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं। ऐसे में लीबिया के पूर्व तानाशाह के बेटे सैफ अल इस्लाम गद्दाफी ((saif al islam)) को राष्ट्रपति चुनाव (presidential election) में काफी ताकतवर उम्मीदवार माना जा रहा है। चुनाव लडऩे वाले दूसरे लोगों में पूर्व सैन्य कमांडर खलीफा हफ्तार (Former military commander Khalifa Haftar), प्रधानमंत्री अब्दुलहमीद अल-दबीबा और संसद अध्यक्ष अगुइला सालेह (Parliament Speaker Aguila Saleh) का नाम शामिल है। 2011 में नाटो समर्थित बलों के हमले से पहले लीबिया में सरकार बनाने में सैफ की अहम भूमिका रहा करती थी। लीबिया में 24 दिसंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं। जिसके लिए देशभर में अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि बहुत से संगठनों को शक है कि चुनाव पारदर्शी नहीं होंगे।