गत महीने में गोलाघाट और जोरहाट जिले में जहरीली शराब के कारण डेढ़ सौ लोगों की मौत हो गई थी। इस शराब कांड में एक साथ इतने लोगों की मौतों ने राज्य सरकार को हिला कर रख दिया था। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग को आदेश दिया कि राज्य से सभी अवैध शराब को नष्ट किया जाए।

आबकारी विभाग ने कई क्विंटल शराब को नालों में बहाया था लेकिन फिर तीन लोगों की मौत ने राज्य में फिर से खलबली मचा दी है। जानकारी के अनुसार निकटवर्ती मोंरगी के पानीकोरा गांव में दो तथा नगर के मिशन पट्टी में जहरीली शराब का सेवन करने से एक व्यक्ति की मौत गई। पानीकोरा गांव में धड़ल्ले से जारी अवैध शराब के कारोबार के बीच कल रात रातुल हजारिका नामक व्यक्ति की मौत हो गई।

इसी के साथ जितुवा दास नामक व्यक्ति की भी देशी शराब से मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोग आबकारी विभाग के खिलाफ भड़क गए। इसके अलावा दो अन्य व्यक्ति दंडी दास और दीपक राजवंशी की हालत खराब है। जिनका इलाज कुशल कुंवर अस्पताल में चल रह है।

स्थानीय लोगों ने अंचल में अवैध शराब का धंधा करने वालों के घर की तलाशी भी ली, लेकिन इसके पहले ही इन लोगों ने शराब को ठिकाने लगा दिया था। गांव की कई महिलाओं ने इस धंधे की शिकायत भी की लेकिन संबंधित विभाग ने एक कदम भी इनके खिलाफ नहीं उठाया। मौके पर पुलिस अधीक्षक पुष्प राज सिंह को भी समिति ने घेरा और खरीखोटी सुनाई।

सिंह ने कहा कि छानबीन जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी और जिला उपायुक्त धीरेन हजारिका ने पूरे मामले को जहरीली के शराब से न जोड़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि जीतू दास पहले से ही शराब पीता था, पर इन दिनों गैस्टिक अल्सर से पीड़ित होकर मारा गया। वहीं रातुल हजारिका को भी पियक्कड़ मानते हुए टीवी रोग से मरने की बात कही गई।

उन्होंने चिकित्साधीन दंडी दास को भी तीन महीने से अन्य रोग से पीड़ित होने का दाव किया है। डीसी ने कहा कि कमद दास की मौत विषाक्त भोजन खाने से हुई है। हजारिका ने कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है नमूने फॉरेंसिक में भेजा जाएंगे।