असम की धेमाजी विधानसभा सीट के लिए 9 अप्रेल को मतदान होगा। भाजपा और कांग्रेस उप चुनाव में जीत के लिए पूरा जोर लगा रही है। भाजपा और कांग्रेस को हराने के लिए 11 पार्टियों ने मिलकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक मंच बनाया है। इस मंच में आम आदमी पार्टी,समाजवादी पार्टी और एनसीपी भी शामिल है।

लेफ्ट डेमोक्रेटिक मंच का नारा है सांप्रदायिक भाजपा और भ्रष्ट कांग्रेस को हराएंगे। 11 पार्टियों वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक मंच ने साझा उम्मीदवार खड़ा किया है। इनका नाम है जाडु हजारिका। ये सामाजिक कार्यकर्ता हैं और सीपीएम के उम्मीदवार हैं। हजारिका ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। संयुक्त मंच को उम्मीद है कि वह कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ मजबूत ताकत के तौर पर उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लेफ्ट डेमोक्रेटिक मंच में सीपीएम,एनसीपी,आम आदमी पार्टी,सीपीआई,सीपीआई(एमएल),जनता दल(सेक्यूलर),समाजवादी पार्टी, असोम संग्रामी मंच,लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी,एआईएफबी और आरसीबीआई शामिल है।

मंच के संयोजक देबेन भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल के दौरान हुए अनियंत्रित भ्रष्टाचार के कारण भाजपा का उदय हुआ। हालांकि मुख्य मुद्दे को अभी तक एड्रेस नहीं किया गया। नोटबंदी के कारण आम आदमी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। हम सेक्युलर व डेमोक्रेटिक फोर्सेज को यूनाइट करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन एंटी भाजपा व एंटी कांग्रेस स्टैंड अक्षुण्ण रहेगा।  अगर एनसीपी कांग्रेस के साथ जाती है तो उसे मंच छोडऩा होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एंटी भाजपा फ्रंट बनाने के लिए एनसीपी सुप्रीमो शरीद पवार से बात की थी।

हालांकि हालिया लखीमपुर उपचुनाव में साझा उम्मीदवार उतारने के फैसले से मंच को ज्यादा मदद नहीं मिली थी। लेकिन मंच को उम्मीद है कि भविष्य में यह काम करेगा। एनबीबीयूएसस के कार्यकर्ताओं ने इस माह ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के सिलापाथर ऑफिस में तोडफ़ोड़ की थी। तब से धेमाजी उबल रहा है। लेफ्ट डेमोक्रेटिक मंच का कहना है कि फिलहाल सांप्रादियक उभार प्रमुख चुनौती है। आपको बता दें कि एनबीबीयूएसस बांग्लादेश से आए हिंदू अप्रवासियों को नागरिकता देने की मांग कर रहा है।