लेफ्ट पार्टी पश्चिम बंगाल आैर त्रिपुरा में लोकतंत्र की  हत्या के खिलाफ 24 जुलाई को दिल्ली में संसद के बाहर धरना देंंगी। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को इस बारे मेंं जानकारी। येचुरी ने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में लोकतंत्र और  लोगों के अधिकार पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुके हैं।  इन राज्यों में पूर्ण  अराजकता फैली हुई है।
 
इस मुद्दे पर राष्ट्र का ध्यान दिलाने के लिए सभी वाम दल 24 जुलाई को संसद के बाहर धरना देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में मार्च में भाजपा गठबंधन सरकार के सत्ता  में आने के बाद माकपा के चार सदस्यों व नेताओं की हत्या की जा चुकी है। माकपा की त्रिपुरा राज्य समिति की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि बच्चा चोर के संदेह में राज्य में चार लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी।

इतना ही नहीं भाजपा पर आरोप लगाते हुए युचुरी ने कहा कि भाजपा सरकार के  मंत्री खुद ही इन अफवाहों को फैलाने में शामिल हैं, जिसके कारण त्रिपुरा में  उन्माद पनपा। भाजपा शासनकाल के तहत राज्य में कानून व्यवस्था खराब हो गयी  है।  त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के मामले में हालात 1975 के आपातकाल से भी  बदतर हो गये हैं।

येचुरी ने यह भी कहा कि घृणा और हिंसा कथित रूप से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ द्वारा संरक्षित की जाती रही है और भाजपा ने इसे देश भर में फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जन-विरोधी नीति के विरोध में मजदूर और किसान देश भर में नौ अगस्त व पांच सितंबर को जेल भरो आंदोलन करेंगे और  रैलियां निकालेंगे।