केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) शनिवार को युवाओं से स्वार्थ को छोड़कर देश का विकास का संकल्प लेने की अपील की। शाह (shah) ने यहां शांतिकुंज के देव संस्कृति विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने शांतिकुंज को एक महातीर्थ बताते हुए कहा शांतिकुंज मानवता की सेवा कर रहा है तथा लोगों को संस्कृति वालों और आदर्श वन बनाने में वर्षों से कार्य कर रहा है। 

उन्होंने कहा कि शांतिकुंज के संस्थापक आचार्य श्री राम शर्मा जीने युग परिवर्तन की शुरुआत की थी आज करोड़ लोग इस मिशन से जुड़े हैं। उन्होंने देश में लागू नई शिक्षा नीति (new education policy) का उल्लेख करते हुए कहा युवा पीढ़ी को नई शिक्षा नीति को एक बार जरूर जानना चाहिए क्योंकि यह केवल किताबी ज्ञान पर आधारित शिक्षा नहीं है बल्कि युवाओं की रुचि और उनके अंदर की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारत की मिट्टी से जुड़ी हुई शिक्षा नीति है जो शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देती है। 

उन्होंने कहा कि भारत इस समय आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है जिसका उद्देश्य गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण करना है उनका सम्मान करना है साथ ही देश की सेवा और राष्ट्रीय कर्तव्य को निभाने का एक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शपथ लेते ही भारतीय सभ्यता और संस्कृति का परिचय दिया और उज्जैन के महाकाल के दर्शन किए और पशुपतिनाथ में दर्शन करके सरकारी खजाने से वहां पर ध्यान दिया इससे पहले लोगों ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को उजागर करने में संकोच किया जबकि हमारे प्रधानमंत्री भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। 

इस अवसर पर शांतिकुंज के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या ने भी अपना संबोधन दिया तथा श्री शाह को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। गृह मंत्री ने बाद में हरिहर आश्रम जाकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज से भी भेंट की और देश के हालातों पर उन से चर्चा की।