केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि जम्मू कश्मीर में शेष राजनीतिक बंदियों को बहुत जल्द ही रिहा किया जायेगा। शाह ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा जल्द बहाल किया जायेगा। बुखारी के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी के 24 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में शाह से विस्तृत चर्चा की। बता दें कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी।

दो घंटे तक चली बैठक के बाद बुखारी ने पत्रकारों से कहा कि शेष राजनीतिक बंदियों की रिहाई समेत कई मुद्दों पर गृह मंत्री से चर्चा हुई। बुखारी ने कहा, हमने शेष राजनीतिक नेताओं और अन्य की हिरासत के बारे में चर्चा की जिसमें उन्हें बहुत जल्द रिहा करने की बात भी हुई है। जानकारी के लिए बता दें कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा पिछले साल पांच अगस्त को समाप्त कर दिया गया था जिसके बाद सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया था। नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को 221 दिनों तक हिरासत में रखे जाने के बाद 13 मार्च को रिहा किया गया है लेकिन फिर भी वो घर में कैद रहेंगे। उनका हाउस अरेस्ट अभी जारी है।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार पाबंदियों पर प्रतिनिधिमंडल की आशंकाएं दूर करते हुए शाह ने कहा कि पाबंदियों में छूट के संबंध में सभी फैसले जमीनी वास्तविकताओं पर आधारित हैं न कि किसी दबाव में लिये गए हैं। हिरासत से लोगों की रिहाई, इंटरनेट बहाल किये जाने, कर्फ्यू में छूट जैसे कदमों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘यहां तक कि आने वाले समय में राजनीतिक कैदियों को भी रिहा कर दिया जाएगा क्योंकि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हो, चाहे वह आम कश्मीरी हो या सुरक्षाकर्मी।’’