उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बुलडोजर का मामला खूब चर्चा में रहा। विपक्षी समाजवादी पार्टी ने सीएम योगी पर बुलडोजर को लेकर तंज किया तो भारतीय जनता पार्टी की जनसभाओं में बुलडोजर खड़ी की जाने लगी, बुलडोजर रैली निकलने लगी और सीएम योगी को बुलडोजर बाबा के नाम से भी बुलाया जाने लगा था।

भाजपा अब उत्तरप्रदेश में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में वापस आ चुकी है। योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का आगाज अभी नहीं हुआ है लेकिन बुलडोजर एक्शन में आ गया है। कानपुर में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चल गया है। कथित रूप से तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर भू-माफिया की ओर से 1750 वर्ग मीटर भूमि पर कराए गए अवैध निर्माण को कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (केडीए) की टीम ने ध्वस्त करा दिया है। इस जमीन की कीमत करीब 8.75 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

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कहा जा रहा है कि जिस भू माफिया विष्णु कुमार यादव उर्फ पंगू यादव ने इस जमीन पर अवैध अतिक्रम किया था, वह सपा से जुड़ा बताया जा रहा है. विष्णु की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ तस्वीर भी सामने आई है। बताया जाता है कि बर्रा 6 आवासीय योजना के तहत प्राचीन शिव मंदिर के समीप तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण कराया गया था।

इस अवैध निर्माण को केडीए की टीम ने 14 मार्च के दिन ध्वस्त करा दिया. कहा जा रहा है कि केडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से तालाब के जमीन की फर्जी रजिस्ट्री भी कराई गई थी। केडीए के वरिष्ठ अधिकारी धीरेंद्र बाजपेयी ने आजतक से कहा कि पंगू यादव आदतन अपराधी है। वह पहले भी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर चुका है।

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उन्होंने कहा कि पंगू के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। कानपुर पुलिस ने पंगू के खिलाफ धारा 477 के तहत मामला दर्ज किया था। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ और बीजेपी ने भी बुलडोजर के मसले को जमकर भुनाया। सीएम योगी और बीजेपी की ओर से बार-बार ये कहा जाता रहा कि सरकार बनी तो माफिया के निर्माण पर बुलडोजर चलेगा। योगी आदित्यनाथ की दूसरी दफे ताजपोशी अभी हुई नहीं है लेकिन बुलडोजर चलने लगा है।