सत्तापक्ष के विधायक पद्म हजारिका ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य के वनांचलों को सुरक्षित रखते हुए भूमिपुत्रों को जमीन का पट्टा देने संबंधी एक प्रस्ताव रखा। इस दौरान उन्होंने अपना तर्क रखते हुए कहा कि भूमिपुत्रों को लेकर सिर्फ राजनीतिक खेल खेलते रहने से नहीं चलेगा।


शुक्रवार की शाम सदन में भाजपा विधायक पद्म हजारिका ने सरकारी संकल्प प्रस्ताव लाते हुए कहा कि राज्य के वनांचलों में स्थानीय मूल निवासी भूमिपुत्र लंबे समय से रह रहे हैं।

वनांचलों में संदिग्ध नागरिकों का अतिक्रमण चल रहा है। एेसे में भूमिपुत्रों का अधिकार खतरें में पड़ता दिखाई दे रहा है। वन संरक्षण कानून 1980 के तहत विभागीय रुप से वनांचलों को अतिक्रमण से बचाने की कोशिश चल रही है। सन 2006 में लोकसभा में वन अधिकार कानून विधेयक पारित किया गया जिसके तहत वनांचलों में बसने वाले भूमिपुत्रों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ हमें वनांचलों को बचाना भी होगा तो दूसरी तरफ अपने लोगों को उनके हक के साथ जीने का अधिकार भी देना होगा। वनांचल में बसने वाले असली भूमिहीनों को जमीन का पट्टा देकर उन्हें वहां बसाया जाना चाहिए ताकि संदिग्ध नागरिकों के अतिक्रमण से बचाया जा सके।

उन्होंने सदन में प्रस्ताव को पेश करते हुए इसे पारित कर केंद्र सरकार के पास भेजने का भी अध्यक्ष से अनुरोध किया।