बिहार में शनिवार को जहां तीसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान होगा। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को फिलहाल रांची जेल में ही रहना होगा। शुक्रवार को दुमका कोषागार से गबन के मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, जिसे टाल दिया गया है।

अब 27 नवंबर को उनकी याचिका पर सुनवाई होगी। सुनवाई छुट्टी की वजह से टाल दी गई। यदि उन्हें जमानत मिल जाती तो वे जेल से बाहर आ जाते क्योंकि उन्हें तीन मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है। उन्होंने अदालत में आधी सजा काटने और स्वास्थ्य के आधार पर जमानत याचिका दाखिल की थी।

यादव के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया था कि इस मामले में अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई निर्धारित की है। उनका मामला उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया था। उन्होंने कहा था कि यादव की ओर से दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आधी सजा काटने के आधार पर जमानत प्रदान किए जाने की गुहार लगाई गई है। उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद इस मामले में 42 माह जेल में रह चुके हैं। ऐसे में आधी सजा काटने के आधार पर उन्हें जमानत मिल जाने की संभावना है। सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार के अलावा लालू की ओर से उन्हें किडनी, हृदय रोग व शुगर सहित 16 प्रकार की बीमारियां होने का भी दावा किया गया था।