कोरोना के कारण तेल की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। विश्लेषकों का कहना है कि तेल की वैश्विक मांग में भारी गिरावट होने की वजह से सऊदी अरब अपना तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के कई देशों में तेल के भंडारण की भी जगह नहीं बची है जिसके चलते तेल की आपूर्ति बढ़ती जाएगी जबकि मांग घटती जाएगी और इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर पड़ेगा।

बताया जा रहा है कि दुनिया में कोरोना महामारी के बीच तेल उद्योग को आने वाले सप्ताह और महीनों में तेल को स्टोर करके रखना पड़ेगा जो मुमकिन नहीं है। क्योंकि तमाम देशों में तेल समेत प्राकृतिक संसाधनों की खपत कम हो गई है। भारत एशिया में चीन और जापान के बाद तेल की खपत करने वाला तीसरा बड़ा देश है, लेकिन यहां भी लॉकडाउन होने की वजह से तेल की खपत में भारी गिरावट देखने को मिली है।

एनर्जी कंसल्टेंसी रिस्टैड एनर्जी के विश्लेषकों ने जानकारी दी है कि कनाडा में घरेलू उत्पादन की वजह से कुछ ही दिन में तेल भंडार भर सकते हैं जिसके कि कई देशों को भी कुछ ही महीनों में ऐसी चुनौती से जूझना पड़ सकता है। अभी के जो हालात हैं, उनमें रेल से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात में भी भारी गिरावट भी देखने को मिलेगी। इसके अलावा, खनन से जुड़ीं कई परियोजनाएं भी ठप पड़ जाने की ओर इशारा कर रही है।