दिल्ली पुलिस (Delhi police) ने रविवार को हुई लखीमपुर (Lakhimpur) घटना के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे 95 लोगों को हिरासत में लिया है। लखीमपुर (Lakhimpur) घटना के मद्देनजर उत्तर प्रदेश भवन के पास 25 महिलाओं सहित 95 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली जिला) दीपक यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को क्षेत्र में धारा 144 के निर्देशों को बनाए रखने और डीडीएमए दिशानिर्देशों के संबंध में बार-बार चेतावनी दी गई थी। डीसीपी ने बताया, 'हालांकि, जब उन्होंने क्षेत्र नहीं छोड़ा, तो उन्हें हिरासत में लिया गया और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।'

पुलिस ने आठ राजनीतिक दलों के कुल 95 सदस्यों को हिरासत में लिया है, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 27, जनवादी महिला समिति और क्रांतिकारी युवा संगठन के 17-17 सदस्य, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के 15, राष्ट्रीय लोक दल के 13, इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के 11, समाजवादी पार्टी से आठ और अखिल भारतीय किसान सभा से छह लोगों को हिरासत में लिया है।

यह आंदोलन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर (Lakhimpur)-खीरी में किसानों के विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा के मद्देनजर किया जा रहा था, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी और 15 अन्य घायल हो गए थे। विरोध ने हिंसक रूप ले लिया था और इस दौरान वहां रविवार को अज्ञात व्यक्तियों ने किसानों पर गोलियां चला दीं। गुस्साए किसानों ने तीन जीपों में आग लगा दी। यह भी दावा किया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को वाहनों ने कुचल दिया था और इनमें से एक वाहन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा का बताया जा रहा है।

रविवार के बाद से, यह घटना विपक्षी दलों के नेताओं के साथ सत्तारूढ़ उत्तर प्रदेश सरकार को निशाना बनाने के साथ एक राजनीतिक आकर्षण का केंद्र बन गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज हिरासत में लिए गए सभी लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।