लखीमपुर में हिंसक झड़प (Lakhimpur Kheri Violence) के बाद प्रशासन और किसानों के बीच आखिरकार समझौता हो गया है। किसानों की मांगों में से कुछ मांगें मान ली गई है। वहीं पार्थिव शरीरों का आज ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। किसानों और प्रशासन (Compromise In Lakhimpur Kheri Incident) के बीच हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में यह तय हुआ है कि, 4 मृतकों के परिवार को 45-45 लाख रुपए दिये जायेंगे। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी।

इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस मामले में धारा 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से मामले कि जांच कराई जाएगी। प्रशांत कुमार लॉ एंड आर्डर एडीजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की करीब 20 मिनट के बाद बैठक के बाद यह फैसला लिया गया, इससे पहले लखनऊ आईजी रेंज और किसान नेताओं की कई दौर की वार्ता हुई थी। इस दौरान भारतिय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने लोगों को संबोधित कर कहा,  यह दुखद घटना है किसानों के लिए, पुलिस प्रशासन ने भी बताया कि इस तरह की घटना पहली बार हुई।

उन्होंने कहा, मंत्री के बेटे के ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ है और उसमें मंत्री का नाम भी शामिल हैं। परिवार के लिए आर्थिक सहायता भी हुई है। 45 लाख रुपये अब तक 4 शहीदों को मिलेगा वहीं पांचवें मृतक को लेकर भी जल्द फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा, कोई भी वीडियो यदि आपके पास है तो आप साझा करें, क्योंकि मंत्री का अब पद भी जाएगा। अब पांच डॉक्टरों के सामने पोस्टमार्टम होगा और कैमरे के सामने होगा। उसके बाद दाह संस्कार होगा जब तक हम यहीं रहेंगे। परिवार के साथ संयुक्त मोर्चे के लोग साथ खड़े हैं।