लखीमपुर खीरी कांड (Lakhimpur Kheri Violence) के बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। यहां के निघासन तहसील के तिकुनिया कस्बे में रविवार दोपहर उपद्रव हो गया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में प्रदर्शनकारी चार किसान और भारतीय जनता पार्टी के चार समर्थक शामिल हैं। इस घटना के बाद प्रदेश में राजनीति गरमा गई है और विपक्ष ने इस मुद्दे योगी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। तमाम बड़े और छोटे राजनीतिक दल सरकार पर हमला बोल रहे हैं और घटना स्थल पर पहुंचने के लिए आमादा हैं। वहीं सरकार भी विपक्ष के मंसूबों को नाकाम करने में जुट गई है। वहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

फिलहाल लखीमपुर (Lakhimpur Kheri Violence) में धारा 144 लगा दी गई है, नेताओं के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस बीच यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी (Youth Congress National President Srinivas Biwi) ने दावा किया है कि लखीमपुर खीरी जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi detained) को हरगांव में हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी को हरगांव से हिरासत में लेकर सीतापुर पुलिस लाइन ले जाया गया है। हरगांव से पहले भी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को रोकने के लिए पुलिस तैनात थी, लेकिन उनका काफिला बाकी जगहों से निकलने में कामयाब रहा था। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धक्का दिया है, साथ ही हाथ मरोडऩे का भी आरोप लगाया।

वहीं लखीमपुर खीरी जाने से रोकने के विरोध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) लखनऊ स्थित अपने आवास के बाहर धरने पर बैठे गए। इसके बाद वहां हाई वोल्टेज हंगामा शुरू हो गया। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। प्रशासन ने भारी वाहनों को मार्ग के बीच में खड़ा कर रास्ता बंद कर दिया है। सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी नेता घटनास्थल तक ना पहुंच पाए। इस बीच अखिलेश यादन को भी हिरासत में ले लिया गया है। 

इधर किसान नेता राकेश टिकैत (farmer leader Rakesh Tikait) तडक़े साढ़े चार बजे के करीब लखीमपुर पहुंच गए थे और उन्होंने लखीमपुर के एक गुरुद्वारे में किसानों की कमेटी के साथ बैठक की। टिकैत ने लखीमपुर खीरी में किसानों से मिलकर प्रशासन के आगे चार प्रमुख मांगें रखीं। प्रशासन और किसानों में कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन सहमति नहीं बनी है। उधर हिंसा के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने किसानों के बीच शामिल उपद्रवियों को जिम्मेवार ठहराया। बता दें कि दरअसल यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (UP Deputy CM Keshav Prasad Maurya) को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा (Union Minister Ajay Mishra) के बेटे अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाडिय़ां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने 2 कारों को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है।

लखीमपुर खीरी में शहीद हुए किसानों के शव रख किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक दोषी गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक अन्तिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं लखीमपुर खीरी में चार किसानों के मौत मामले में पुलिस ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा (Ashish mishra) के साथ 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे की ओर से भी कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) (SKM) ने घटना के खिलाफ आज देशभर में जिलाधिकारियों और आयुक्तों के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। साथ ही इस घटना की जांच उत्तर प्रदेश प्रशासन के बजाय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराने की मांग की है।