केंद्र सरकार के सर्वोच्च विधि अधिकारी एटर्नी जनरल (एजी) के. के. वेणुगोपाल ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट के मामले में स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मुकदमा चलाने की गुरुवार को सहमति प्रदान कर दी। 

वेणुगोपाल ने वकील रिजवान सिद्दीकी की मांग स्वीकार करते हुए यह अनुमति प्रदान की। उन्होंने कहा, लोग समझते हैं कि वे न्यायालय के बारे में कुछ भी कह सकते है। सिद्दीकी ने एटर्नी जनरल को पत्र लिखकर कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला शुरू करने की मंजूरी मांगी थी। एटर्नी जनरल ने सिद्दीकी को भेजे पत्र के जवाब में लिखा हैै, मैंने ट्वीट देखे हैं और यह आपराधिक अवमानना का मामला बनता है।

दरअसल, कामरा ने बुधवार को रिपब्लिक टीवी के प्रमुख सम्पादक अर्नब गोस्वामी की रिहाई के बाद कथित विवादित ट्वीट किए थे। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अर्नब की अपील स्वीकार करते हुए उन्हें जल्द-से-जल्द रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद कामरा ने ट्वीट करके खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। वहीं कामरा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्‍होंने जो भी ट्वीट्स किए, वह सुप्रीम कोर्ट के 'प्राइम टाइम लाउडस्‍पीकर (अर्णब गोस्‍वामी) के पक्ष में दिए गए भेदभावपूर्ण फैसले पर मेरी राय थी।' उन्‍होंने कहा कि न तो वे माफी मांगेगे, न ही वकील करेंगे। उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने 'सुप्रीम कोर्ट जजों और देश के सबसे बड़े कानूनी अधिकारी जैसी ऑडियंस मिली है, वो शायद सबसे वीआईपी है।'