विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इस बार पांच हजार वनवासियों को कुंभ दर्शन करवाएगी। विहिप का दावा है कि पहली बार दूरदराज के प्रांत मेघालय, अरुणाचल, मणिपुर, केरल, तमिलनाडु आदि प्रांतों के वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रयागराज लाने की व्यवस्था की गई है। समाज से कटी इन जनजातियों को गंगा स्नान करवाने के साथ ही कुंभ की महत्ता भी बताई जाएगी।

विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय का कहना है कि कुंभ मेले में पहली बार वनवासी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 13 से 15 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन में तीन हजार वनवासियों को विहिप के शिविर में ही रुकवाया जाएगा। बाकी दो हजार वनवासी आसपास के अन्य शिविरों में ठहराए जाएंगे।

तब वसंत पंचमी का स्नान पर्व बीत जाने की वजह से उपलब्ध संतों की मौजूदगी में वनवासियों को संगम स्नान करवाया जाएगा। उन्हें भारतीय संस्कृति से भी परिचय करवाया जाएगा। कहा कि विभिन्न प्रांतों में कार्य कर रही विहिप की वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से पिछले दिनों वनवासियों को आमंत्रित किया गया। वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़ कार्यकर्ता ही उन्हें लेकर प्रयागराज आएंगे।