केंद्रीय कृषि और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री संजीव बाल्यान (Sanjeev Balyan) ने कहा है कि हालांकि अयोध्या में राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं कृष्णा की जन्मभूमि मथुरा (Mathura Krishna Temple) में भी ‘कुछ बड़ा और भव्य’ बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आगरा में कहा कि राम की भूमि में तो भव्य मंदिर बन गया है, पर कृष्णा की भूमि में कुछ बड़ा होना चाहिए।

मंत्री ने आगे कहा कि हमें पूर्व में अपना हिस्सा मिला, लेकिन पश्चिम में अपना हिस्सा मिलने में देर हो रही है। मथुरा में विवादित स्थल (disputed site in mathura) के संबंध में इसी तरह के विवादास्पद बयान देने वाले कई भाजपा नेताओं की पंक्ति में बाल्यान का बयान नवीनतम है। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह (Chaudhary Laxmi Narayan Singh) ने पहले कहा था कि साइट पर एक कृष्ण मंदिर बनाया जाना चाहिए।

बलिया से भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा (Ravindra Kushwaha) ने भी इसी तरह का बयान दिया था। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार कृषि कानूनों को निरस्त कर सकती है, तो वह मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि (Krishna Janmabhoomi) पर एक भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 को भी वापस ले सकती है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने भी ट्वीट किया था, अयोध्या और काशी में भव्य मंदिर का शिलान्यास शुरू हो गया है, अब मथुरा की तैयारी की जा रही है। कृष्ण मंदिर पर विवाद पिछले साल लखनऊ के एक वकील और पांच अन्य लोगों द्वारा मथुरा जिला अदालत में अपील दायर करने के बाद शुरू हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद स्थल भगवान कृष्ण का जन्मस्थान है। एक स्थानीय अदालत 17वीं सदी की मस्जिद को ‘हटाने’ की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।