श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर ब्रज के विभिन्न मन्दिरों में हो रहे आयोजनों से समूचा ब्रजमण्डल कृष्णमय हो उठा है। मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन, नन्दगाव एवं बल्देव में आज सभी रास्ते कृष्ण मन्दिरों की ओर मुड़ गए है। द्वारकाधीश मन्दिर में आज तीर्थयात्रियों की भारी संख्या के बीच ठाकुर का अभिषेक किया गया।

वहीं जन्मस्थान स्थित भागवत भवन में भोर जब श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में शहनाई बजी तो वहां उपस्थित श्रद्धालु नृत्य करने लगे। भागवत भवन में प्रात:कालीन सत्र में कीर्ति किशोरी ने भजनों का प्रस्तुतीकरण कर वातावरण ऐसा बनाया कि भक्ति की रसधारा बह निकली। वृन्दावन के तीन मन्दिरों राधारमण मन्दिर, राधा दामोदर मन्दिर एवं शाह जी मन्दिर में आज जन्माष्टमी दिन मे मनाई गई। सप्त देवालयों में मशहूर राधारमण मन्दिर में 27 मन दूध, दही, बूरा, धी, शहद, औषधियों एवं महाऔषधियों के द्वारा मुख्य विगृह का अभिषेक तीन घंटे से अधिक देर तक चला। 

मन्दिर के सेवायत पद्मनाभ गोस्वामी, श्रीवत्स गोस्वामी, दिनेश चन्द्र गेास्वामी,ओम गोस्वामी ने वैदिक मंत्रों एवं घंटे घडिय़ाल तथा शंखध्वनि के मध्य ठाकुर का अभिषेक किया। इसके बाद ठाकुर का श्रंगार कर उनके काजल लगाया गया तथा सबसे अन्त में गोस्वामी समाज के लोगों ने लाला को दीर्धजीवी होने का आशीर्वाद दिया। इसके बाद मन्दिर के सामने खड़े जनसमुदाय में चरणामृत का वितरण किया गया क्योंकि वृन्दावन के लोग इसे ही गृहण कर व्रत के नियम का पालन करते है। वृन्दावन के ही राधा दामोदर मन्दिर में भी आज कई घंटे तक घंटे घडिय़ाल एवं शंखध्वनि के मध्य विगृहों का अभिषेक किया गया। इस अवसर पर उस पवित्र शिला का भी अभिषेक किया गया जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं सनातन गोस्वामी को यह कहकर दिया था कि वे यदि इसकी चार परिक्रमा करेंगे तो उनकी गोवर्धन की एक परिक्रमा हो जाएगी। इसके बाद का मन्दिर के चौक का दृश्य बड़ा ही मनोहारी था। पूजन में शामिल मन्दिर के सेवायत कणिका गोस्वामी, बलराम गोस्वामी, पूरनचन्द्र गोस्वामी आदि ने एक दूसरे पर तथा श्रद्धालुओं पर हल्दी मिश्रित दही को इस प्राकर से डाला जैसे होली खेली जाती है। 

उन्होंने ऐसा कर श्रीकृष्ण जन्म की खुशी का इजहार किया। वृन्दावन के मशहूर शाह जी मन्दिर में भी आज मुख्य विगृह का पंचामृत अभिषेक दिन में ही किया गया। इसके बाद इस मन्दिर के बाहर इंतजार कर रहे भक्तों में चरणामृत का उसी प्रकार वितरण किया गया जिस प्रकार राधा दामोदर मन्दिर में किया गया। उधर उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित कृष्णोत्सव 2021 के अन्तर्गत आज मथुरा नगरी नयी नवेली दुल्हन की तरह सज गई है तथा एक दर्जन चौराहों पर ब्रज की मशहूर कलाओं का प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है।