मुजफ्फरनगर के गांव कुटेसरा से गिरफ्तार बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला खुद काे आसाम का रहने वाला बताकर रह रहा था। इसकी गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठ रहा था कि इसने खुद काे अासाम का रहने वाला क्याें बताया था? अब यूपी एटीएस की छानबीन में अब्दुल्ला का आसाम कनेक्शन भी सामने आ गया है।

यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण की आेर से जारी एक बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश से भारत आने पर अब्दुल्ला ने आसाम के एक गांव बनगाई से वाेटर आईडी कार्ड बनवा लिया था। आम जनता के बीच यह इसी वाेटर आईडी कार्ड काे दिखाया करता था। यही कारण था कि यह सभी काे बताता था कि वह आसाम का रहने वाला है।

यूपी एटीएस की एक टीम ने इस पर भी काम शुरू कर दिया है कि आखिर उसका आसाम के बनगाई गांव से क्या कनेक्शन है। बांग्लादेश के रहने वाले अब्दुल्ला का आखिर आसाम से वाेटर आईडी कार्ड कैसे बन गया इसका पता लगाने के लिए यूपी एटीएस ने आसाम पुलिस से संपर्क साधा है आैर इस मामले की जांच भी शुरू हाे गई है कि उसने बनगाई गांव से यह वाेटर आईडी कार्ड आखिर बनवाया कैसे?

आसाम का बताने की वजह से आसानी से मिल गई थी नाैकरी

पुलिस ने अब्दुल्ला काे मुजफ्फरनगर के कुटेसरा से गिरफ्तार किया था। यहां यह एक मस्जिद में बताैर माैलवी रह रहा था। इसने सभी काे यही बता रखा था कि वह आसाम का रहने वाला है, लेकिन इसकी भाषा बांग्लादेशी थी। यही कारण था कि यह कुटेसरा में लाेगाें से अधिक घुलता-मिलता नहीं था आैर इसकी भाषा पर आशंका हाेने के पर इसे सहारनपुर की अम्बेहटा शेख की मस्जिद से हटा दिया गया था। अब कुटेसरा के लाेगाें ने बताया है कि इसने खुद काे आसाम का रहने वाला बताया था। यह साेचकर कि दूर का रहने वाला है छुट्टी ज्यादा नहीं करेगा इसलिए उसे मस्जिद में रख लिया गया था। अब इसके बांग्लादेशी आतंकी कनेक्शन काे जानने के बाद खुद कुटेसरा के लाेग सन्न हैं।