बिहार के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमी व मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत अब प्रदेश के सामान्य और पिछड़ा वर्ग के युवाओं तथा सभी वर्ग की महिलाओं को उद्योग लगाने में सरकार आर्थिक मदद करेगी। राज्य के युवा उद्योग जगत में अपना भविष्य संवार सकें, इसके लिए सरकार 10 लाख रुपये तक की मदद करेगी।  इसके लिए अहम शर्त यह है कि आर्थिक मदद उसी को मिलेगी जो 12वीं पास होगा या उसने उसके समकक्ष कोई डिप्लोमा किया होगा।

इस योजना के तहत सरकार जो 10 लाख रुपये उद्योग लगाने के लिए देगी। उसमें से पांच लाख रुपये अनुदान के रूप में मिलेगा। वहीं बाकी के पांच लाख रुपये लोन होगा। पांच लाख वाले लोन पर सरकार युवाओं से सिर्फ एक प्रतिशत के दर से ब्याज वसूलेगी। महिलाओं को कोई ब्याज नहीं देना होगा। लोन को 84 किस्त में लौटाने की सुविधा दी गई है. 10 लाख रुपये की राशि दो किस्तों में उद्योग लगाने वाले युवाओं और महिलाओं को मिलेगी।

साल 2018 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा की गई थी। इसका मकसद था कि अनुसूचित जाति व जनजाति के युवा एवं युवतियों को उद्यमिता के विकास करने व स्वरोजगार को बढ़ावा मिले। 2020 में अति पिछड़ा वर्ग के युवक एवं युवतियों में उद्यमिता के विकास व उद्योग स्थापित करने में उनकी मदद के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री अति पिछड़ा उद्यमी योजना की शुरुआत की थी।