आज हम पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम के बारे में बताएंगे, जिसमें आपको एकमुश्त पैसे जमा करना है और उसके बाद हर महीने पेंशन के रूप में इंट्रेस्ट का पैसा मिलता है। मैच्योरिटी होने पर एकमुश्त पैसा वापस हो जाता है। इस स्कीम के लिए मैच्योरिटी पीरियड 5 सालों का है। अगर आप इसमें केवल 50 हजार रुपए जमा करते हैं तो हर साल इंट्रेस्ट के रूप में 3300 रुपए मिलेंगे। अगर 9 लाख रुपए जमा करते हैं तो हर साल 60 हजार रुपए तो केवल इंट्रेस्ट के रूप में मिलेंगे।

पोस्ट ऑफिस की इस सुपरहिट स्कीम का नाम है Post Office Monthly Income Scheme Account (MIS)। इस स्कीम में कम से कम 1000 और 100 के गुणक में पैसा जमा किया जा सकता है। अधिकतम 4.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। यह लिमिट सिंगल अकाउंट के लिए। ज्वाइंट अकाउंट के लिए मैक्सिमम लिमिट 9 लाख रुपए है। अधिकतम तीन लोग मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं। बच्चा अगर नाबालिग हो तो गार्जियन यह अकाउंट खोल सकता है। 10 साल के बाद बच्चे के नाम पर भी पोस्ट ऑफिस MIS अकाउंट खोला जा सकता है।

डाकघर की मंथली सेविंग स्कीम (MIS) की सबसे बड़ी खासियत है इसका हर साल जुड़ कर मिलने वाला ब्याज। ज्वॉइंट अकाउंट में अगर 9 लाख रुपए का निवेश किया गया तो हर महीने 4950 रुपए की फिक्स्ड आय होगी। 9 लाख रुपए जमा राशि पर सालाना ब्याज 6.6 पर्सेंट के हिसाब से जोड़ें तो 59,400 रुपए बनता है। 9 लाख रुपए जमा राशि पर हर महीने 4950 रुपए और सालाना 59,400 रुपए की आय प्राप्त होगी। ये राशि आप हर महीने पा सकते हैं. हर महीने वाली यह राशि ब्याज के रूप में होगी जबकि आपका मूलधन जस का तस बना रहेगा। 5 साल के मैच्योरिटी पीरियड पर अपनी राशि डाकघर से निकाल सकते हैं या इसे आगे के लिए बढ़ा भी सकते हैं। यह आप निर्भर करता है।

MIS कैलकुलेटर के मुताबिक अगर कोई इस अकाउंट में एकमुश्त 50 हजार रुपए जमा करता है तो हर महीने 275 रुपए यानी हर साल 3300 रुपए पांच सालों तक मिलेंगे। पांच सालों में इंट्रेस्ट के रूप में उसे कुल 16500 रुपए मिलेंगे। उसी तरह 1 लाख जमा करने पर हर महीने 550 रुपए, हर साल 6600 रुपए और पांच सालों में 33000 रुपए मिलेंगे। अधिकतम 4.5 लाख जमा करने पर हर महीने 2475 रुपए, एक साल में 29700 रुपए और पांच सालों में इंट्रेस्ट के रूट में 148500 रुपए मिलेंगे। इस स्कीम की मैच्योरिटी 5 सालों की है। अकाउंट खुलने के एक साल तक तक इससे पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं। 1-3 साल के दौरान अकाउंट बंद करने पर प्रिंसिपल अममाउंट का 2 फीसदी काट लिया जाएगा। 3-5 साल के भीतर अकाउंट क्लोज करने पर 1 फीसदी जुर्माना काटा जाएगा। इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन सालाना आधार पर होता है, लेकिन पेमेंट मंथली होता है। अगर को अकाउंट होल्डर मंथली इंट्रेस्ट क्लेम नहीं करता है तो उसे इस पैसे पर अडिशनल इंट्रेस्ट का लाभ नहीं मिलता है।