भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के पाक अधिकृत कश्मीर में जैश के ठिकानों पर जमकर बमबारी की। इस दौरान कई आतंकी कैंप के नष्ट होने की खबर है। भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 विमानों के समूह ने जैश के कैंप पर 1000 किलोग्राम के बम गिराए। इस हमले के लिए एयरफोर्स द्वारा मिराज-2000 विमानों का चयन करना भी एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा था। वहीं भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी अपने लड़ाकू विमान एफ-16 को भारतीय सीमा में घुसाया था। हालांकि भारतीय वायुसेना के आक्रमक रवैय्ये के चलते पाकिस्तानी विमान पीछे हट गए। इस दौरान पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान को गिरा दिया। ऐसे आपको बतातें हैं कि पाकिस्तानी एफ-16 के मुकाबले कितना खतरनाक है भारत का लड़ाकू विमान मिराज-2000। 

अमरीका की यह कंपनी बनाती है एफ 16 लड़ाकू विमान 

आपको बता दें कि पाकिस्तान के बेड़े में शामिल एफ 16 लड़ाकू विमान अमरीका की लॉकहीड मार्टिन नाम की कंपनी बनाती है। यूएस की इस कंपनी ने सबसे पहले यह विमान 2 फरवरी 1974 में उतारा था। जून 2018 तक पूरी दुनिया में 4,604 एफ 16 लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। विकिपीडिया के अनुसार एक एफ 16 लड़ाकू विमान की कीमत 18.8 मीलियन डॉलर है। अगर इसे भारतीय रुपयों में देखा जाए तो 133.55 करोड़ रुपए है।

पाकिस्तान के पास हैं 76 एफ 16 

पाकिस्तान ने लगभग साढ़े तीन दशक पहले अमेरिका से लगभग 85 एफ-16 खरीदे थे, जिन्हें पाकिस्तानी एयरफोर्स की बड़ी ताकत माना जाता है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, इनमें से लगभग 76 लड़ाकू विमान आज भी एक्टिव हैं। यह विमान आज भी दुनिया के सबसे ताकतवर टॉप 10 लड़ाकू विमानों की लिस्ट में शामिल है। पाकिस्तान ने बाद में भी कुछ एफ-16 विमान खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका की सख्ती के कारण कोई डील नहीं हो सकी।

ये है एफ 16 विमान की ताकत 

एफ-16 की गिनती दुनिया के सबसे बढिय़ा लड़ाकू विमानों में होती रही है। यह चौथी पीढ़ी का एक इंजन वाला सुपरसोनिक मल्टीरोल फाइटर विमान है। इसकी अधिकतम गति 2,400 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। एफ-16 विमान की एक खासियत है कि यह किसी भी मौसम में काम कर सकता है। हालांकि ये विमान भारत के मिराज 2000 के आगे नहीं टिकता है। 

भारत में तैयार हो रहे हैं एफ 16 

आपको बता दें कि अमरीकी विमान कंपनी लॉकहीड मार्टिन और टाटा समूह के बीच एक डील पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत लॉकहीड मार्टिन टाटा के साथ मिलकर भारत में अपने मशहूर एफ-16 विमानों का उत्पादन करेगी। इस डील पर हस्ताक्षर के बाद लॉकहीड मार्टिन की ओर से कहा गया था कि कंपनी अपने अत्याधुनिक 'एफ-16 ब्लॉक-70Ó विमानों का उत्पादन भारत में करेगी और यहीं से दुनियाभर में इनका निर्यात भी करेगी। 

ये है मिराज-2000 की ताकत

मिराज-2000 की लंबाई 47 फीट है, जबकि खाली विमान का वजन 7500 किलो है। ये विमान 13,800 किलो गोला बारुद के साथ भी 2,336 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। मिराज-2000 किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि आपातकाल स्थिति में इसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर उतारा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये कम ऊंचाई पर भी काफी तेज गति से उड़ान भरने में सक्षम है।

आवाज से कंट्रोल होने वाला फाइटर मिराज 2000

मिराज में आधुनिक वॉइस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से इसके कई फंक्शन को आवाज के जरिए ही कंट्रोल किया जा सकता है। यह एक बार में कई बड़े रॉकेट और मिसाइल को ले जाने में सक्षम है। 30 एम एम के रॉकेट, कई तरह की मिसाइल और लेजर गाइडेड बमों को एक साथ ढो सकता है। मिराज-2000 में हथियारों को ले जाने के लिए 9 हाईप्वॉइंट दिए गए हैं। इनमें से 5 विमान के नीचे और दो-दो दोनों पंखों की तरफ दिए गए हैं। 

कारगिल में दिया था पाक को मुंहतोड़ जवाब

भारत में मिराज-2000 का पहली बार इस्तेमाल 1999 के कारगिल युद्ध में किया गया था। कारगिल युद्ध के समय जब मिग-21 और मिग-27 नाकाम हो रहे थे, तब भारत ने पाकिस्तान की सप्लाय लाइन ध्वस्त करने के लिए मिराज-2000 का इस्तेमाल किया। 

2015 में भारत को मिला और भी पावरफुल मिराज

पाकिस्तान ने अमेरिका से एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदे थे, जिसके जवाब में भारत ने फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन को अक्टूबर 1982 में 36 सिंगल-सीटर मिराज-2000 एचएस और 4 ट्विन-सीटर मिराज-2000 टीएचएस खरीदे। मिराज-2000 को जून 1985 में भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। डसॉल्ट ने 2015 में वायुसेना को अपग्रेडेड मिराज-2000 लड़ाकू विमान भी सौंपे थे।